सामाजिक सरोकार : दिव्यांग विद्यार्थियों की एक शक्ति छीन जाती है मगर अन्य शक्ति हो जाती है दोगुनी

⚫ जिला शिक्षा अधिकारी शर्मा ने कहा

⚫ समावेशी शिक्षा पर हुआ दो दिवसीय प्रशिक्षण

⚫ दिव्यांग विद्यार्थी की योजनाओं पर जिम्मेदारों को दी जानकारी

हरमुद्दा
रतलाम, 20 जुलाई।  समग्र शिक्षा अभियान सेकेंडरी एजुकेशन के अंतर्गत समावेशी शिक्षा पर आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रतलाम में  आयोजित किया गया। प्रशिक्षणार्थियों से जिला शिक्षा अधिकारी केसी शर्मा ने कहा कि किसी दिव्यांग छात्र का एक अंग कार्य नहीं करता है, तो बाकी अंगों में दुगनी शक्ति दिव्य रूप से प्राप्त हो जाती है। इन्हें आपकी दया आपकी सहायता की आवश्यकता नहीं है, जरूरत है तो आप उनके अधिकारों को इनको दिलाने में मदद करें, तभी इस प्रशिक्षण की सार्थकता होगी।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी के.सी. शर्मा, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य सुभाष कुमावत, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक अशोक कुमार लोढा, डाइट पिपलोदा के वरिष्ठ व्याख्याता एवं आई ई डी प्रभारी डॉक्टर नरेंद्र कुमार गुप्ता थे। सर्वप्रथम माँ सरस्वती के चित्र और माल्यापर्न कर द्वीप प्रज्वलित किया।

दिव्यांग विद्यार्थियों की योजनाओं पर दी जानकारी

द्वितीय चरण में रतलाम, सैलाना, बजाना ब्लॉक के हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों से एक-एक शिक्षक को नोडल शिक्षक नियुक्त कर प्रशिक्षण दिया गया।यह प्रशिक्षण राज्य स्तर से प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर एवं जिला समन्वयक (समावेशी शिक्षा) अंबाराम बोस एवं अशोक कुमार बंसल द्वारा दिया गया। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा समावेशी शिक्षा के उद्देश्य आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016, दिव्यांगता के प्रकार, दिव्यांग छात्रों को मिलने वाली विभिन्न छात्रवृतियां एवं योजनाओं की जानकारी, सूचना संचार तकनीकी, शाला में बाधा मुक्त वातावरण, दिव्यांग छात्रों के परीक्षा बोर्ड द्वारा दिए गए प्रावधान आदि की जानकारी प्रोजेक्टर एवं एलईडी के माध्यम से दी गई।

नोडल शिक्षक नियुक्त कर दिव्यांग छात्रों का समावेशन करने प्रयास

प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रमुख वक्ता के रूप में  अशोक कुमार लोढा ने कहा कि 1 से 8 तक के दिव्यांग छात्रों की शिक्षा व्यवस्था के लिए मोबाइल स्रोत सलाहकार नियुक्त हैं। किंतु कक्षा 9 से 12 तक अध्ययनरत दिव्यांग छात्रों की शिक्षा व्यवस्था हेतु कोई अधिकृत शिक्षक शाला में नहीं था।  नोडल शिक्षक नियुक्त कर दिव्यांग छात्रों का समावेशन करने का यह प्रयास है।

दिव्यांग विद्यार्थी के लिए उपलब्ध संसाधनों के बारे में भी जानकारी

जिला शिक्षा केंद्र रतलाम के सहायक जिला परियोजना समन्वयक (आईईडी) मुकेश कुमार राठौर ने जिले में दिव्यांगों के लिए उपलब्ध संसाधन केंद्र, दिव्यांग छात्रों के लिए उपलब्ध संसाधनों, दिव्यांग छात्रों के लिए हॉस्टल, इनके के लिए बने अधिनियम एवं शासन की योजनाओं की जानकारी विस्तार पूर्वक दी गई। मोबाइल स्रोत सलाहकार प्रशांत अस्थाना,  हरिओम मावी, मदन धमनीया, संदीप पटेल, प्रकाश सोलंकी, दीप्ति अग्रवालका विशेष सहयोग रहा। संचालन जिला समन्वयक (समावेशी शिक्षा) अंबाराम बोस ने किया। आभार मास्टर ट्रेनर अशोक कुमार बंसल ने माना।

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