प्रकृति, प्रेम और करोना
प्रकृति, प्रेम और करोना
फागुन बीता
चैत आया,भर उमंग
कह रहा
टूटकर, मुझे,प्यार
करोना
टेसु फूला
फूल रहा कचनार
आज खतरा
बन रहा
प्यार की गलबहियां में
करोना
आज मंदिरों में
दर्शनों का
प्रतिबंध है लगा
घरों में सिकुड़ गई
आंकाक्षाएं
कारण बना है
करोना
इन सबमें
हम कहें
खूब प्यार करोना
मिलन पर रोक
करोना
डॉ. चंचला दवे, सागर