डाॅक्टर-वैज्ञानिक-विद्यार्थी संवाद : सीखे विज्ञान के सिद्धांत और कोरोना प्रोटोकॉल

एनसीएसटीसी के सहयोग से एस्ट्रोनॉमिका साइंस सोसायटी के बैनर तले हुआ आयोजन
प्रश्नोत्तरी एवं प्रयोगों की भागीदारी करने वाले विद्यार्थियों को दिए मेडल
भारतभूषण आर गांधी
रतलाम, 19 दिसंबर। साइंटिस्ट एवं डाॅक्टर्स का विद्यार्थियों से संवाद कार्यक्रम में रतलाम जिले के एक्सीलेंट स्कूल में कोविड जागरूकता विषय पर प्रोटोकॉल के पालन और आवश्यकता का संदेश दिया गया। प्रश्नोत्तरी एवं प्रयोगों की भागीदारी करने वाले विद्यार्थियों को मेडल देकर प्रोत्साहित किया।

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एनसीएसटीसी के सहयोग से एस्ट्रोनॉमिका साइंस सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य सुभाष कुमावत ने की। इस अवसर पर शाला परिवार से सभी शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
तो भी वायरस आक्रमण का मौका नहीं चूकता
स्रोत वैज्ञानिक इंजी. बी बी आर गांधी ने बताया कि अगर आप अधिकांश समय तक मास्क को लगाने के बाद कुछ पल के लिए भी भीड़ में चाय पीते या नाश्ता करते समय मास्क को अपने ओठों एवं नाक से दूर करते हैं तो वायरस आक्रमण का मौका नहीं चूकता है। सोशल डिस्टेंसिंग को सही तरीके से समझना और पालन करना ऐसे समय पर आपको सुरक्षित रख सकता है। प्रोटोकॉल के अन्य दो नियम मास्क लगाना जरूरी और बार बार हाथ धोते रहना जरूरी को विद्यार्थियों के द्वारा प्रयोग करके बताया। इस दौरान उन्होंने अनेक विज्ञान के सिद्धांतों को समझाने के लिए प्रयोग भी प्रतिभागियों द्वारा करवाए जिनमें दाब, ऊष्मा, गुरुत्वाकर्षण, लीवर, वर्षा मापन आदि शामिल रहे।
कोरोना अभी गया नहीं
इस अवसर पर डॉ. ललित मेहता ने कोरोना के खतरे के प्रति सभी चेताया और कहा कि कोरोना अभी गया नहीं है। उन्होंने विज्ञान के सिद्धांतों को समझाने में भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। शिक्षकगण मुनेश बघेल, रामनिवास राठौर ने भी भागीदारी की।
ओमिक्रोन से निपटने की हर हाल में रखनी होगी सोच
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि हम सभी 2021 के कोविड वायरस डेल्टा म्यूटेंट से घबरा रहे थे और अब ओमिक्रोन आ गया है। ओमिक्रोन अनेक देशों में तबाही मचा रहा है, ऐसे में हमारी सोच उससे निपटने की हर हाल में रखनी होगी।
मेडल प्रदान कर किया प्रोत्साहित

प्राचार्य कुमावत ने संबोधित करते हुए कहा कि हमने आज बहुत अच्छी तरह से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना प्रयोगों के माध्यम से खुद करते हुए सीख लिया है। इसका हर हाल में विद्यार्थियों सहित सभी को करना चाहिए। अंत में प्रश्नोत्तरी एवं प्रयोगों की भागीदारी करने वाले विद्यार्थियों को प्राचार्य कुमावत एवं उप प्राचार्य पूर्णिमा शर्मा ने संस्था की ओर से मेडल प्रदान कर प्रोत्साहित किया।