मंत्रियों के ओछे बोल और अधिकारियों कर्मचारियों में सुलगी रोष की रस्सी

“ऑपरेशन हरमुद्दा “
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रतलाम। 14 बरस से ज्यादा वनवास भोग कर कांग्रेस प्रदेश में सत्ता में आई ।सत्ता की ताकत विरले ही संभाल सकते हैं।लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता के हाथ होने से सत्ताधारियों से संयम की अपेक्षा की जाती है। सत्ता संयम त्याग दे तो बोल बिगड़ जाते हैं और अहंकार भरे बोल सत्ता की उम्रदराजी के लिए खतरा बन जाते हैं। सत्ता के घोड़े पर सवार होते ही प्रदेश के मंत्रियों के स्तरहीन बर्ताव और गैर जिम्मेदाराना बयानों ने पुराने दिग्गी राज की यादें ताजा कर दी है। मामला उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के द्वारा एक जन सभा में अधिकारियों कर्मचारियों को डंडा मारने की बात से उपजे बवाल का है।
पिछले दिनों मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा एवं खेल व युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने सार्वजनिक बयान में काम न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को डंडे से मारने की बात कही। कैबिनेट मंत्री के ओछे से बोल के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों में इस बयान को लेकर काफी रोष व्याप्त है। विगत दिनों रतलाम जिले के सैलाना में अपने एक दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री के खास मंत्री जीतू पटवारी ने खुलेआम जनसभा को संबोधित कर शासन बदल जाने की धमकी देते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को काम न करने पर डंडे से पीटने की बात कही। मंत्री के असंयत बोल से अधिकारी कर्मचारियों में शिवराज और कांग्रेस राज के बीच तुलना की स्थिति उत्पन्न कर दी है। अधिकारी कर्मचारियों को मारने पीटने की पैरवी करने वाले जीतू पटवारी को नई नई सत्ता का ओछा अहंकार कहा जा रहा है ।
200 सौ संगठनों में सुलगी रोष की रस्सी
मंत्री जीतू पटवारी के बयान से प्रदेश स्तर पर रजिस्टर्ड 200 से अधिक संगठनों ने सरकार के खिलाफ रोष की रस्सी सुलगने लगी है और धुआं उठता भी साफ-साफ दिखाई देने लगा है।
सीएम से सफाई मांगने की तैयारी
कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मोर्चा की ओर से आनन-फानन में बैठक आयोजित कर मंत्री के बयान पर मुख्यमंत्री कमलनाथ से सफाई मांगने की तैयारी की जा रही है। अधिकृत स्टेटमेंट जारी नहीं करने से पहले एक बार मुख्यमंत्री जी से बात करना जरूरी समझते हुए संयुक्त मोर्चा ने अभी अपनी रणनीति सार्वजनिक नहीं की है। लेकिन विश्वस्त सूत्रों के अनुसार चुनाव से पहले विभिन्न कर्मचारी संवर्गों की 771 मांगों को अपने वचन पत्र में शामिल करने वाली कांग्रेस पार्टी के सामने बड़बोले मंत्रियों की बदजुबानी को लेकर वोटों का संकट गहराने लगा है। संयुक्त मोर्चा ने ऐसे मंत्रियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का प्रस्ताव भी तैयार किया है जो आचार संहिता जारी होने के बाद अब बूथ पर जवाब देने के कदम में तब्दील हो सकता है ।
वायदा चौपाइयों का संकलन
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में शिवराज और भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए 6 खंडों में 2000 वायदा चौपाइयों का नया मानस संकलन जारी करने वाली कमलनाथ की नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को विश्वास में लेने के लिए सेवा समाप्ति और निलंबन जैसे मामले वापस लेने की पेशकश करके अपना उदार चेहरा दिखाने की कोशिश की है।
कायदों-वायदों को न बताए धता
नए मंत्रियों की बदजुबानी व तैश में आकर की जाने वाली बातों से कर्मचारियों को शिवराज फिर याद आने लगे हैं। संगठनों का कहना है कि सत्ताधीशों द्वारा की जाने वाली सिफारिशें नियम की तुलिकाओं पर भी तोलनी पड़ती है और इसे ही कानून व्यवस्था कहते हैं। कोई भी मंत्री इतना वाचाल नहीं होना चाहिए कि सरकार के कायदों और वायदों को धता बताएं।
व्यापक जमावड़ा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी संगठन सामान्य प्रशासन मंत्री पीसी शर्मा को शिकायत दर्ज करवाने के लिए एक-दो दिन में व्यापक जमावड़ा करने वाले हैं।
जवाब देने से कतरा रहे मंत्री
उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के सार्वजनिक बयान पर विधि विधायी मंत्री पीसी शर्मा से पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कई बार मोबाइल अटेंड नहीं किया। पीए जीपी माली से भी कहा मंत्री से उक्त मुद्दे पर बात करना है। वाट्स एप पर वीडियो भी देख लिया लेकिन बात नहीं करवाई। इसके बाद भी मंत्री शर्मा ने फोन अटेंड नहीं किया। ऐसे हैं जनसंपर्क मंत्री जी जो बात करने से कन्नी काट रहे है। जवाब देने से कतरा रहे है।
कुछ कहने की स्थिति में नहीं
आपके माध्यम से अभी अभी जानकारी मिली है। अभी कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हूं।
सुधीर नायक, प्रदेशाध्यक्ष मंत्रालयीन अधिकारी कर्मचारी यूनियन, भोपाल