गुरु पुष्य और खरीदारी : राशि के अनुसार की जाए खरीदारी तो मिलता है सुख-समृद्धि और वैभव

⚫ ज्योतिष में सभी नक्षत्र का राजा है पुष्य नक्षत्र

⚫ खरीदारी से पहले निर्णय जरूरी

⚫ किस राशि वाले व्यक्ति को क्या खरीदना उचित है पद्य के माध्यम से बताया है ज्योतिषी प्रोफेसर अजहर हाशमी ने

⚫ कुछ अनहोनी होती है तो दोष देते हैं पर्व को

⚫ 25 अक्टूबर को दोपहर तक के पुष्य नक्षत्र का प्रभाव

⚫ जो चूक गए हैं वह करें शुक्रवार को भी खरीदारी

हरमुद्दा
रतलाम, 24 अक्टूबर। ज्योतिष में सभी नक्षत्रों का राजा पुष्य माना गया है। पुष्य नक्षत्र में खरीदी हुई वस्तुएं सुख, समृद्धि और वैभव प्रदान करती है। किस राशि वालों को क्या खरीदना चाहिए?  खरीदारी के पहले यह भी निर्णय और विचार करना जरूरी है कि क्या खरीदने में सुख-समृद्धि मिलेगी और क्या खरीदने से दुख आएगा। वरना दोष फिर हम उस पर्व को देंगे कि हमने खरीदारी की और यह अनिष्ट हो गया। किसी कारणवश जो व्यक्ति गुरुवार को खरीदारी करने से चूक गए हैं, वह शुक्रवार को भी इसका लाभ ले सकते हैं।

ज्योतिषी प्रोफेसर अजहर हाशमी

ज्योतिषी, प्रोफेसर अजहर हाशमी ने हरमुद्दा से चर्चा में बताया कि पुष्य नक्षत्र का प्रभाव 25 अक्टूबर को दोपहर तक है, जो व्यक्ति गुरुवार को चूक गए हैं, वह शुक्रवार को खरीदारी कर सकते हैं, उन्हें अपनी राशि के अनुसार खरीदारी का चयन करते हैं तो काफी बेहतर होगा।

राशि के अनुसार मिलते हैं अलग-अलग फल

राशि के अनुसार अलग-अलग इसके फल भी मिलते हैं। कई बार ऐसा होता है कि जो वस्तु खरीदी जाती है, उसके भाव कम हो जाते हैं नुकसान होता है और जैसे ही आप उसे ज्यादा नुकसान होने से बचने के लिए बेचते हैं। उसके कुछ दिन बाद ही उसके भाव फिर बढ़ जाते हैं।  इसका तात्पर्य है कि वह वस्तु आपके लिए शुभ फलदाई नहीं थी। भूमि, भवन कीमती धातु, शेयर मार्केट आदि में ऐसा अक्सर होता है। और कई बार वस्तु  खरीदने के बाद अचानक उसके दाम में तेजी आ जाती है और मालामाल भी हो जाते हैं।

किस राशि वाले  को क्या खरीदना

ज्योतिषी प्रोफेसर हाशमी ने  खरीदारी के लिए पद्य में राशि के अनुसार  वस्तुओं को क्रय करने और उसके सुखद परिणाम  बताएं-

मेष मिथुन, कर्क, सिंह को, सोना क्रय अनुकूल,
बहुत जल्द कीमत बढ़े खिले खुशी के फूल

वृषभ, कन्या, चांदी, क्रय लाए शुभ परिणाम
वृश्चिक वाहन क्रय करें पाएगा आराम

तुला, धनु, स्वर्णाभूषण क्रय देगा उल्लास
यह मीन पर भी लागू रहे, दूर रहे संत्रास

मकर, कुंभ को भूमि क्रय का सुंदर है योग,
यह योग ऐसा जैसे नदी नाव संयोग

27 नक्षत्र में आठवां है पुष्य नक्षत्र

सत्ताइस नक्षत्रों में आठवां पुष्य नक्षत्र है । सभी नक्षत्रों में इस नक्षत्र को सबसे अच्छा माना जाता है। सभी नए सामान की खरीदारी, सोना, चांदी की खरीदारी के लिए पुष्य नक्षत्र को सबसे पवित्र माना जाता है। ऐसा क्यों हैं? चंद्रमा धन का देवता है, चंद्र कर्क राशि में स्वराशिगत माना जाता हैं। बारह राशियों में एकमात्र कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है और पुष्य नक्षत्र के सभी चरणों के दौरान ही चंद्रमा कर्क राशि में स्थित होता है। इसके अलावा चंद्रमा अन्य किसी राशि का स्वामी नहीं है। इसलिए पुष्य नक्षत्र को धन के लिए अत्यन्त पवित्र माना जाता है।

सभी नक्षत्रों में अद्वितीय

ज्योतिष के अनुसार, पुष्य नक्षत्र अन्य सभी नक्षत्रों में सबसे शुभ नक्षत्रों में से एक है। इसे पुष्यमी या पूयम के नाम से भी जाना जाता है। यह विशेष नक्षत्र विकास, शुभता, धन, समृद्धि और आध्यात्मिक विकास का प्रतिनिधित्व करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *