सृजन अभी-अभी : ईद हलचल है ख़ुशी की, ईद रौनक़ ज़िंदगी की

⚫ ईद है चिट्ठी दीए की
यानी बाती रोशनी की ⚫

⚫ प्रोफेसर अज़हर हाशमी

ईद हलचल है ख़ुशी की
ईद रौनक़ ज़िंदगी की

दूध, शक्कर और सेवइयां
ईद खुशबू चाशनी की

ईद मीठी सी ग़ज़ल है
ईद लय है ताज़गी की

ईद ठंडक चंद्रमा की
ईद महफ़िल चांदनी की

ईद है चिट्ठी दीए की
यानी बाती रोशनी की

⚫ प्रोफेसर अज़हर हाशमी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *