जनसुनवाई में जनता गिड़गिड़ाई : खाते से निकाल ली किसी ने राशि, नहीं मिला डोसी गांव में फ्लैट, सूदखोर कर रहा परेशान, हेड मास्टर नहीं दे रहे रुके हुए भुगतान की राशि

जनसुनवाई में 65 आवेदनों पर निराकरण के निर्देश
हरमुद्दा
रतलाम 4 अप्रैल। मंगलवार को अपनी अपनी समस्या लेकर आमजन कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसी ने गिड़गिड़ाते हुए बताया कि खाते से अज्ञात व्यक्ति द्वारा राशि निकाल ली गई। तो किसी ने बताया कि उन्हें अभी तक फ्लैट की सुविधा नहीं मिली। एक महिला ने शिकायत करते हुए बताया कि सूदखोर परेशान कर रहा हैं। एक ने कलेक्टर को बताया कि रुके हुए भुगतान की राशि उन्हें अब तक नहीं मिली। बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जनसुनवाई में करीब 65 आवेदन मिले जिस पर कलेक्टर ने समाधान के निर्देश दिए।

जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के अलावा अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, एसडीएम संजीव पांडे, डिप्टी कलेक्टर त्रिलोचन गोल्ड ने भी जनसुनवाई की। जनसुनवाई में 65 आवेदनों का निराकरण के निर्देश संबंधित विभागों को जारी किए गए।
मामला जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का, अज्ञात व्यक्ति ने खाते से राशि निकाली
जनसुनवाई में गणेशनगर, नया गांव राजगढ़ रतलाम के भागीरथ पांचाल तथा भूली पांचाल द्वारा शिकायत की गई कि उनका खाता जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रतलाम की शाखा में है। भूली के खाते से 75 हजार रूपए तथा भागीरथ के खाते से 80 हजार रुपए अज्ञात व्यक्ति द्वारा निकाल लिए गए हैं जिसकी जानकारी प्रार्थी को नहीं थी। जब पासबुक अपडेट कराने पहुंचे तब पता चला कि उनकी बगैर अनुमति के जाली हस्ताक्षर करके उनके अकाउंट से रुपए निकाल लिए गए हैं। बैंक से इस संबंध में सीसीटीवी फुटेज मांगे जाने पर बैंक प्रबंधक द्वारा बताया गया कि डेढ़ वर्ष हो गए उनके यहां पर कैमरे बंद है। इसके अलावा प्रार्थीगण पासबुक का प्रिंट आउट निकलवाने गए तो बैंक के कर्मचारियों ने कहा कि उनके यहां डायरी प्रिंट करने वाला प्रिंटर खराब है। भूली तथा भागीरथ द्वारा कार्रवाई की मांग की गई। दोनों प्रकरणों में कलेक्टर द्वारा पुलिस अधीक्षक तथा जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया।
आयुष्मान कार्ड का आवेदन
जनसुनवाई में जय भारत नगर के फिरोज खान ने आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन दिया। फिरोज ने बताया कि वह रतलाम के जयभारत नगर का निवासी है उसको बीमारी है। इंदौर रेफर किया गया है, उपचार पर चार लाख का खर्च आएगा। गरीबी के कारण पैसा नहीं है कि रुपया खर्च कर सके। अतः आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए ताकि उपचार हो सके। आवेदन पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिशा निर्देशित किया गया।
डोसी गांव में नहीं मिला फ्लैट
जनसुनवाई में आवेदन का ममता पटेल द्वारा आवेदन दिया गया कि उसका चयन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डोसी गांव में नगर निगम द्वारा निर्मित मल्टी में फ्लैट आवंटन के लिए हो गया परंतु अभी तक उसे फ्लैट आवंटित नहीं किया गया है। पैसे भर दिए गए है। इसके बाद भी हर बार यही जवाब दिया जाता है कि आपको सूचित कर देंगे। इस संबंध में कलेक्टर द्वारा निगमायुक्त को सख्त कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया।
केंद्रीय विद्यालय में दिलवाएं एडमिशन
ग्राम रावटी के सत्यनारायण परमार ने आवेदन दिया कि उसकी दो नातीन वेदिका तथा यशस्वी वर्तमान में प्राइवेट स्कूल में अध्यनरत है, पढ़ने में होशियार हैं। माता-पिता की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से प्राइवेट स्कूल में अध्ययन कराना कठिन हो रहा है। बालिकाओं को केंद्रीय विद्यालय सागोद रोड रतलाम में प्रवेश दिलवाए। आवेदक के आवेदन पर जिला शिक्षा अधिकारी को निराकरण के लिए निर्देशित किया गया।
सूदखोर की शिकायत
जनसुनवाई में रेलवे घटना कॉलोनी रतलाम निवासी दीपक कैथवास द्वारा आवेदन दिया गया कि शहर के सूदखोर से उनके द्वारा 2 लाख रूपए 2017 में उधार लिए गए थे, उसके बाद हरेक माह 12 हजार रूपए अदा करने के बाद भी राशि की मांग की जा रही है। उनका एटीएम रख लिया गया है, चेक कर लिए गए हैं। राशि जमा होने पर दस्तावेज मांगने पर भी नहीं लौटाया जा रहा है। इसी प्रकार की शिकायत शकुंतलाबाई तथा उनके पति मदनलाल द्वारा भी की गई जिसमें ढाई लाख रूपए की उधारी के बदले अब तक लगभग 20 लाख रूपए सूदखोर द्वारा लिया जा चुका है। दोनों आवेदनों में कलेक्टर द्वारा पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
रुके हुए भुगतान की राशि नहीं दे रहे
जनसुनवाई में डीजल शेड रोड राजीव नगर रतलाम के जावेद अहमद ने शिकायत की कि वह विद्युत फिटिंग का कार्य करता है उसने शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय जुलवानिया में विद्युत फिटिंग एवं मरम्मत का कार्य किया था जिसका कुल मेहनताना 6305 है जो अब तक स्कूल के हेड मास्टर द्वारा नहीं दिए जा रहे हैं और अभद्र भाषाशैली का उपयोग किया जाता है। इस संबंध में विकास खंड शिक्षा अधिकारी के समक्ष आवेदन करने पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आवेदन के निराकरण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया