हिन्दी दिवस के अवसर पर स्व. पं. अरुण भार्गव स्मृति में हिन्दी वार्षिकी स्मारिका का हुआ विमोचन 

हिन्दी दिवस के अवसर पर स्व. पं. अरुण भार्गव स्मृति में हिन्दी वार्षिकी स्मारिका का हुआ विमोचन 

किया अभिनन्दन

हरमुद्दा
रतलाम, 14 सितंबर। हिन्दी दिवस के अवसर पर स्व. पंडित अरुण भार्गव स्मृति हिन्दी प्रचार-प्रसार समिति द्वारा आयोजित हिन्दी वार्षिकी स्मारिका “संविधान और कानून को सही अभिव्यक्ति” का विमोचन समारोह पूर्वक किया गया। 


उत्कृष्ट विद्यालय में बिना बिजली की एक कक्षा में हुए आयोजन के मुख्य अतिथि संजयराज दुबे थे। अध्यक्षता सुभाष कुमावत ने की। विशिष्ट अतिथि जनवादी लेखक संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह राठौर थे। 

माल्यार्पण से शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने मां सरस्वती तथा स्व. अरुण भार्गव के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया। सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।

किया अतिथियों का स्वागत

अतिथियों का स्वागत सीमा अरुण भार्गव, डॉ. मुनींद्र दुबे, विनोद शर्मा, तेजपाल सिंह राणावत, दिनेश शर्मा, मिथिलेश मिश्रा, पिंकी बडोला, गोपाल बोरिया, हेमन्त सिंह राठौर, राजीव लवानिया, योगेश कुशवाह, रामनरेश चौहान, लतीफ खान, संजय मेहता, निर्मलसिंह चौहान, शैतान सिंह, राजेन्द्र, भावना सहित अन्य ने किया।

किया अभिनन्दन और सम्मान

शिक्षा विभाग के श्री पांडेय का अभिनंदन करते हुए

हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित देशभक्ति गीत प्रतियोगिता में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय रतलाम ने प्रथम स्थान तथा गुजराती समाज उमावि ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। समिति द्वारा विनीता ओझा, अंजुम खां, राजेन्द्र पाण्डेय एवं शिल्पी मौर्य का अभिनंदन किया गया। संचालन जुबैर आलम कुरैशी ने किया। आभार दिलीप पवार ने माना।

वरना राष्ट्रीय भाषा होती हिंदी

हमें हिन्दी भाषा को सबसे अधिक सम्मान देना चाहिए। यदि इसके मार्ग में राजनीति न आई होती तो हिन्दी आज भारत की पूर्ण राष्ट्रीय भाषा होती।

संजयराज दुबे

 शासन प्रशासन आगे आए हिंदी को बढ़ावा देने के लिए

हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए शासन और प्रशासन को आगे आना चाहिए। यह कार्य सभी राजनीतिक दलों को मिलकर करना चाहिए। केवल एक दिन हिन्दी दिवस मनाने से हम हिन्दी भाषा को वास्तविक सम्मान नहीं दे पाएंगे।

ओपी मिश्र, वरिष्ठ रंगकर्मी