चलती ट्रेन में ऐसा : हिंदू महिलाओं ने छेड़खानी का विरोध किया तो रतलाम से चढ़े मुस्लिम युवकों ने पीटा
⚫ गुजरात का परिवार अस्थि विसर्जन के लिए जा रहा था उज्जैन
⚫ उत्पाती युवकों ने सिगरेट के छल्ले उड़ा कर किया परेशान
⚫ खाचरोद से काफी संख्या में युवक चढ़े ट्रेन में
⚫ नागदा में जीआरपी को भीड़ पर करना पड़ा हल्का लाठीचार्ज
हरमुद्दा
रतलाम, 2 फरवरी। रविवार की रात को दाहोद का एक हिन्दू परिवार अस्थि विसर्जन के लिए उज्जैन जा रहा था। ट्रेन में यात्रा के दौरान, रतलाम से चढ़े कुछ मुस्लिम युवकों ने परिवार की महिलाओं से छेड़छाड़ की। जब परिवार ने इसका विरोध किया, तो युवकों ने अपने साथियों को खाचरौद रेलवे स्टेशन पर बुला लिया। ट्रेन के खाचरौद स्टेशन पहुंचने पर, बाहर से आए लोगों ने महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट की। यात्रियों ने कुछ युवकों को पकड़ लिया, जिन्हें बाद में नागदा में राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को सौंप दिया गया।

मिली जानकारी के अनुसार दाहोद से चार महिलाएं सपना (पति कमलेश निवासी अहमदाबाद), कल्पना (पति राहुल निवासी दाहोद), शाहिशा बेन, उषा (पति बाबूलाल गुजरात) मेमू ट्रेन से अस्थि विसर्जन करने के लिए उज्जैन आ रहे थे। रतलाम से गोरू सहित 5-6 लोग ट्रेन में चढ़े। रतलाम-खाचरौद के बीच गोरू और अन्य युवकों ने इन महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की। उनके मुंह पर सिगरेट के छल्ले उड़ाए। ऐसा करने से मना किया तो उत्पाती युवक आग बबूला हो गए।

हुई इनके साथ मारपीट
30-40 युवकों ने ट्रेन में घुसकर की मारपीट
विवाद बढ़ने पर गोरू ने खाचरौद में बुरहान नामक युवक को फोन कर और 30-40 युवकों को ट्रेन में बुला लिया। इन युवकों ने ट्रेन में महिलाओं और उनके पति के साथ मारपीट की और खाचरौद में ही उतरकर भाग गए। तीन युवकों बुरहान, अमन पिता गफ्फार व एक अन्य को पीड़ितों ने पकड़ लिया।
काफी संख्या में लोग हो गए एकत्र
नागदा में पीड़ितजन इन युवकों को जीआरपी पुलिस थाने ले गए। वहीं नागदा में विशेष वर्ग के आटो चालक भी जीआरपी पुलिस थाने पहुंचे। यहां पुलिस ने चार आटो वालों को थाने में बैठाया। इसी के साथ लगभग 200-300 विशेष वर्ग के लोग भी रेलवे स्टेशन परिसर में एकत्रित हो गए।

हिंदूवादी संगठनों और मुस्लिम युवक में नोकझोंक
हिंदूवादी संगठनों को सूचना मिलने पर वे भी बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए। यहां अमजद लाला नामक युवक की हिंदू संगठन के लोगों से नोकझोक हुई। चूंकि सभी पीड़ित वाल्मीकि समाज के थे, इसलिए बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज और हिंदू संगठन के लोग भी एकत्रित हो गए। आस-पास के थाने की पुलिस भी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गईं।
पुलिस को करना पड़ा लाठी चार्ज
पुलिस जब महिलाओं को मेडिकल जांच के लिए ले जा रही थी, तब भी विशेष वर्ग के लोग महिलाओं के साथ मारपीट के लिए बढ़ने लगे। इसे देखते हुए पुलिस ने महिलाओं को फिर थाने में अपनी सुरक्षा में रख लिया। विशेष वर्ग के उपद्रव को देखते हुए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद भीड़ नियंत्रित हुईं।
Hemant Bhatt