अचानक लोअर-शर्ट पहन खुद कार ड्राइव कर मेडिकल कॉलेज पहुंचे रतलाम कलेक्टर, स्वास्थ्य सेवाओं की जानी 'ग्राउंड रियलिटी'
⚫ हाल-हकीकत जानकर पुख्ता की जानकारी
⚫ सादगी पूर्ण हुए अचानक निरीक्षण की भनक नहीं लगी जिम्मेदारों को
⚫ तय दौरे में छुपा दी जाती है कमियां
हरमुद्दा
रतलाम, 7 अगस्त। शासकीय तामझाम, हूटर वाली गाड़ी और सुरक्षा घेरा छोड़कर रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया जब गुरुवार रात अचानक डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो वहां का नजारा बिल्कुल अलग था। बिना किसी पूर्व सूचना के, लोअर-शर्ट पहने और खुद अपनी कार ड्राइव करते हुए कलेक्टर एसडीएम तरुण जैन के साथ सीधे मेडिकल कॉलेज परिसर में दाखिल हुए।

लगभग 1 घंटे तक चले इस 'सरप्राइज विजिट' के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न वार्डों और विभागों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने कांच के दरवाजों से झांककर अंदर की व्यवस्थाएं देखीं, काउंटर पर जाकर मरीजों के रजिस्ट्रेशन व दवा वितरण की जानकारी ली और ड्यूटी पर तैनात नर्सों से बातचीत की। कलेक्टर की इस सादगी और अचानक हुए निरीक्षण की भनक न तो वहां मौजूद डॉक्टरों को लगी और न ही मेडिकल कॉलेज की डीन अनीता मुथा को।

हाल-हकीकत जानकर पुख्ता की जानकारी
लगता है इस सरप्राइज विजिट का मुख्य उद्देश्य बिना किसी दिखावे के जनहित से जुड़े मुद्दों, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति की पड़ताल करना था। जमीनी स्तर पर खुद व्यवस्थाएं देखकर कलेक्टर ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारियों को पुख्ता किया, ताकि आने वाले समय में जनहित के मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जा सकें।
तय दौरे में छुपा दी जाती है कमियां
ऐसा माना जाता है कि पहले से तय दौरों में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाती हैं, जिससे कमियां छिप जाती हैं। इस आकस्मिक निरीक्षण (Surprise Inspection) का मुख्य उद्देश्य बिना किसी दिखावे के स्वास्थ्य सुविधाओं, मरीजों को मिल रहे इलाज और कर्मचारियों की उपस्थिति की वास्तविक स्थिति का पता लगाना था, ताकि व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सके और किसी भी प्रकार की लापरवाही को उजागर कर सख्त कदम उठाए जा सकें।
Hemant Bhatt