माँ वो है जो टूटे हुए मन और शर्ट के टूटे बटन दोनो को जोड़ देती है
⚫ डॉ. प्रतीक श्रीवास्तव ने कहा
⚫ गुजराती आर्ट एंड लॉ कॉलेज एलुमनी ग्रुप द्वारा एक विशेष आयोजन मदर्स डे पर
⚫ मां से जुड़ी कविताएं, संस्मरण और गीत प्रतियोगिता का आयोजन
हरमुद्दा
इंदौर, 11 मई। मदर्स डे के अवसर पर गुजराती आर्ट एंड लॉ कॉलेज एलुमनी ग्रुप द्वारा एक विशेष आयोजन किया गया।
यह जानकारी देते हुए ग्रुप के संयोजक प्रवीण नागदिवे ने बताया कि आयोजन में माँ से जुड़ी कविताएं संस्मरण और गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। मुख्य अतिथि कॉलेज के पूर्व छात्र व कॉलेज के वर्तमान प्रोफेसर डॉक्टर प्रतीक श्रीवास्तव थे।

डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि माँ हमारे व्यक्तित्व को गढ़ती है माँ का होना जीवन में रोशनी है। माँ हमारे जीवन से नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मकता को पल्लवित करती है आपने इससे जुड़ी बल्ब के आविष्कारक एडिसन की कहानी भी सुनाई ।
इन सभी ने सुनाएं संस्मरण

मदर्स डे के अवसर पर एलुमनी सदस्यों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें माँ को याद करते हुए राजेश सुनहरे, रूपेश यादव, प्रमोद द्विवेदी, परवीन मेहरा, सुनील परिहार, राहुल शुक्ला, वुसअत बहार ने अपने संस्मरण सुनाए। मां पर आधारित फिल्मी गीतों का गायन जीतू खरे, हुकुम सूर्या, अनिल चौहान, सुदर्शना पंडोले, दीपाली कुलकर्णी, सनी जैन ने किया । वहीं कविता पाठ प्रतियोगिता में कमल वर्मा, नीरज आब्राहम, नरेंद्र शर्मा, जय महाडिक,सुनील गुप्ता, स्वाती मोहिते, सुषमा बंदावड़े ने भाग लिया।
यह रहे विजेता

इन प्रतियोगिताओ के विजेताओं में कमल वर्मा काव्य पाठ में गीत गायन में हुकुम सूर्या और संस्मरण में प्रमोद द्विवेदी विजेता रहे। इस अवसर पर पूर्व छात्र सुभाष पारीक का भी सम्मान किया गया। विजेताओं को पुरस्कार राजकुमार जायसवाल, पिंकी यादव, गोपाल बोरासी, सुनील परिहार और मनीषा नागदिवे द्वारा दिया गया। संचालन डॉ. अर्चना करंदीकर ने किया। आभार प्रदर्शन सुभाष पारीक ने माना।
Hemant Bhatt