सपना की जगह प्रिशा दे रही थी बीकॉम की परीक्षा

सपना की जगह प्रिशा दे रही थी बीकॉम की परीक्षा

पहले भी कर चुकी है ऐसा काम लड़की

⚫ सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने की संभावना

⚫ बख्शा नहीं जाएगा दोषियों को : कुलगुरु

हरमुद्दा
उज्जैन, 4 मई। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन में बीकॉम परीक्षा के दौरान चौंकाने वाली बात सामने आई। सतर्कता के चलते जब जांच हुई तो एक लड़की अन्य छात्रा की जगह परीक्षा देने आई थी। इसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं साल्वर गैंग के सक्रिय होने की बात भी सामने आई है।


मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को बीकॉम छठे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। स्कूल ऑफ स्टडीज इन कॉमर्स में एक संदिग्ध छात्रा परीक्षा देते हुए नजर आई।

हुई जांच तो हुआ खुलासा

एनएसयूआई के विश्वविद्यालय अध्यक्ष तरुण परिहार को सुबह ही इस संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली वैसे ही विभागाध्यक्ष को इसकी जानकारी दी।

किया दस्तावेज का मिलान

इसके बाद जांच शुरू की गई। वागदेवी भवन के कक्ष क्रमांक 10 में बैठी छात्रा के दस्तावेजों का मिलान किया गया, जिसमें उसकी पहचान फर्जी पाई गई। पूछताछ में पता चला कि लड़की का नाम प्रिशा साहू है। और वह इंदौर की रहने वाली है। उसने बताया कि वह बीटेक की छात्रा है और सपना भदौरिया नाम की छात्रा की जगह परीक्षा देने उज्जैन आई थी। इस खुलासे से पूरे विश्वविद्यालय में हड़कंप मचा गया।

 बैठनाभर था परीक्षा हाल में

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि छात्रा ने यह भी बताया कि वह पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रही है। उसने बताया कि उसे एक परिचित के माध्यम से इस काम के लिए बुलाया गया था। कहा गया था कि उसे केवल परीक्षा में बैठकर कॉपी भरनी है, बाकी व्यवस्था पहले से की जा चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लड़की को परीक्षा नियंत्रक कक्ष में बैठाकर विस्तृत पूछताछ की।

सॉल्वर गैंग से जुड़े लोगों के नाम आने की संभावना

पुलिस जांच के बाद इस सॉल्वर गैंग से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। इस घटना ने न केवल परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में चल रहे ऐसे अवैध नेटवर्क की गंभीरता को भी उजागर किया है।

बख्शा नहीं जाएगा दोषियों को

विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेगा।किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

अर्पण भारद्वाज, कुलगुरु प्रोफेसर