नीट विद्यार्थियों के खिले चेहरे बयां कर रहे थे परीक्षा रही आसान

नीट विद्यार्थियों के खिले चेहरे बयां कर रहे थे परीक्षा रही आसान

NEET परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री औसत, बायोलॉजी रही आसान

⚫ जानकार डॉक्टर राकेश कुमावत ने बताया अब क्या करना है विद्यार्थियों को

हरमुद्दा
रतलाम, 4 मई। रविवार को देश भर में नीट परीक्षा हुई। रतलाम, मंदसौर, नीमच के 15 केंद्रों पर 5500 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
परीक्षा केंद्र से जब विद्यार्थी बाहर आना शुरू हुए, तब उनके चेहरे खिले हुए लग रहे थे। जो साफ साफ बता रहे थे कि नीट के पेपर आसान रहे। विद्यार्थियों ने चर्चा में बताया कि फिजिक्स और केमिस्ट्री औसत रही, वहीं बायोलॉजी का प्रश्न पत्र आसान रहा। डॉ. राकेश कुमावत ने बताया कि अब विद्यार्थी चरणबद्ध रणनीति अपनाकर अपने करियर की दिशा को स्पष्ट कर सकते हैं।

अभ्यास कैरियर इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर डॉ. राकेश कुमावत ने को बताया कि NEET  एक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा है जिसके लिए व्यापक तैयारी की आवश्यकता होती है, जो छात्र चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं उन्हें देश भर के विभिन्न मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए इस परीक्षा को पास करना होता है। परीक्षा केंद्र से बाहर आए विद्यार्थियों ने बताया कि फिजिक्स और केमिस्ट्री का प्रश्न पत्र औसत रहा। वहीं बायोलॉजी प्रश्न पत्र तो काफी आसान रहा।

23 लाख से अधिक विद्यार्थी हुए परीक्षा में शामिल

NTA द्वारा आयोजित इस परीक्षा में कुल 23 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है, जिससे MBBS, BDS, BAMS, BUMS, BHMS में प्रवेश लिया जाता है व AIIMS, JIPMER में MBBS/BDS पाठ्यक्रम हेतु भी यही प्रवेश परीक्षा है।

रतलाम मंदसौर नीमच के 15 सेंटर पर हुई परीक्षा

रतलाम रैंज में रतलाम, मंदसौर व नीमच के 15 सेंटर पर एग्ज़ाम हुई जिसमें रतलाम के केंद्रीय विद्यालय, रेलवे स्कूल,  जवाहर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, स्वामी विवेकानंद वाणिज्य महाविद्यालय शासकीय कल्याण विज्ञान महाविद्यालय, शासकीय कन्या महाविद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, उत्कृष्ट विद्यालय, महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कन्या शिक्षा परिसर बिबडौद, मंदसौर के केंद्रीय विद्यालय, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, एलबीएस स्कूल व नीमच के सीता राम जाजू कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय कॉलेज, स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय पर आयोजित NEET एग्जाम के लिए तीनो शहर के लगभग 5500 से अधिक ने परीक्षा दी। सभी सेंटर पर विद्यार्थियों व अभिभावकों का जमावड़ा रहा। 

विद्यार्थियों के थे चेहरे खिले हुए

डॉ. कुमावत ने बताया कि जैसे ही 5:15 के लगभग परीक्षार्थी बाहर आना शुरू हुए विद्यार्थियों के चेहरे खिले हुए लग रहे थे। यह बयां करता है कि इस बार नीट का पेपर आसान रहा। जिसमें  बायोलॉजी काफी आसान थी जो पूरी तरह एनसीईआरटी पर आधारित थी। केमिस्ट्री एवं  फिजिक्स मॉडरेट रही। इस वर्ष की नीट की कट ऑफ पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी सी बड़ेगी  GN/OBC की 570 के आस पास sc की 460 के आस पास वहीं ST की 360 तक रहेंगी|

अब क्या करना चाहिए विद्यार्थियों को

डॉ. कुमावत ने बताया कि नीट (NEET-UG) परीक्षा देने के बाद छात्रों के लिए संपूर्ण रणनीति कुछ इस प्रकार हो सकती है।

 ⚫ विश्राम और मानसिक रीसेट : परीक्षार्थी महीनों से लगातार पढ़ाई और तनाव में रहे होते हैं। परीक्षा के तुरंत बाद 1–2 दिन के लिए हल्की-फुलकी गतिविधियाँ (हॉबी, परिवार के साथ समय, थोड़ी सैर) करें, जिससे मानसिक तनाव कम हो और दिमाग तरोताजा हो।

⚫ करियर काउंसलर से राय लें कि अपने मार्क्स के हिसाब से किस कॉलेज की उम्मीदें बन सकती हैं।

⚫ कॉलेज व कोर्स प्राथमिकताएँ तय करें : सरकारी, राज्य, Deemed, निजी (Management Quota) – इन सभी में फीस, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्थान,  काउंसलिंग इत्यादि की जानकारी इकट्ठा करें।

⚫ अपनी वित्तीय स्थिति और पारिवारिक प्राथमिकताओं के अनुरूप औप्शन्स लिस्ट करें।

⚫ काउंसलिंग प्रक्रिया की तैयारी करें । MCC (मोटर कॉन्ट्रोल काउंसलिंग) / संबंधित राज्य बोर्ड की वेबसाइट नियमित चेक करें।

⚫ डॉक्यूमेंट्स (10वीं, 12वीं मार्कशीट, NEET एडमिट कार्ड, पहचान पत्र, जाति/आय प्रमाण पत्र आदि) की स्कैन कॉपियाँ तैयार रखें।
समय पर रजिस्ट्रेशन और फीस जमा करें।
⚫ वैकल्पिक योजना (Plan B) : यदि रैंक उम्मीद के अनुरूप नहीं आती, तो:री–एटेम्प्ट (अगले वर्ष फिर से पूरी तैयारी) के लिए कमज़ोर टॉपिक्स पर फोकस करके स्ट्रैटेजी बनाएं।
अन्य हेल्थ-साइंस कोर्स (BDS, BPT, B.Sc. Nursing, BAMS, BHMS, BUMS आदि) में एडमिशन के विकल्प देखें।

मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान : योग, ध्यान, नियमित व्यायाम या हल्की कसरत रखें। परिवार और दोस्तों का समर्थन लें; लंबी नींद और संतुलित आहार बनाए रखें।

फीडबैक और मार्गदर्शन : प्रशिक्षण संस्थान (जैसे कोचिंग सेंटर) से पेपर-प्रतिलेखन (OMR) और पेपर डिस्कशन में हिस्सा लें, जिससे पता चले कि आपके प्रदर्शन में सुधार की गुंजाइश कहाँ है। अनुभवी मेंटर्स, सीनियर या मेडिकल में पढ़ रहे मित्रों से सलाह-मशविरा लें।

सकारात्मक दृष्टिकोण : मेडिकल रैंकिंग प्रक्रिया प्रतिस्पर्धात्मक है, लेकिन हार्मोनिक और पॉजिटिव माइंडसेट आपको अगली चुनौतियों के लिए तैयार रखेगा।
इस तरह एक संगठित और चरणबद्ध रणनीति अपनाकर आप परीक्षा के बाद के समय को बेहतर ढंग से उपयोग कर सकते हैं और अपने करियर की दिशा स्पष्ट कर सकते हैं।