रेलयात्री सरोकार : रतलाम रेलवे स्टेशन के शताब्दी वर्ष पर 14 नवम्‍बर को होगा भव्य समारोह

इंडो–सारसेनिक स्थापत्य शैली में निर्मित यह दो-मंजिला भव्य इमारत अपने कलात्मक झरोखों, मेहराबी बरामदों और स्थापत्य की सुंदरता के लिए विख्यात है। यह भवन रतलाम शहर की ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न प्रतीक बन चुका है।

रेलयात्री सरोकार : रतलाम रेलवे स्टेशन के शताब्दी वर्ष पर 14 नवम्‍बर को होगा भव्य समारोह

⚫ मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार ने कहा

⚫ "स्‍टेशन महोत्‍सव" का आयोजन

⚫ शताब्दी वॉल का होगा अनावरण

हरमुद्दा
रतलाम, 12 नवम्‍बर। रतलाम रेलवे स्टेशन के शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर 14 नवम्‍बर 2025 को रतलाम मंडल
पर अनेक आकर्षक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा 100 बैलून छोड़ने के साथ होगी।

मीडिया को संबोधित करते हुए मंडल रेल प्रबंधक अश्‍वनी कुमार ने बताया कि रतलाम रेलवे स्टेशन का वर्तमान भवन लगभग सौ वर्ष पुराना है। इंडो–सारसेनिक स्थापत्य शैली में निर्मित यह दो-मंजिला भव्य इमारत अपने कलात्मक झरोखों, मेहराबी बरामदों और स्थापत्य की सुंदरता के लिए विख्यात है। यह भवन रतलाम शहर की ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न प्रतीक बन चुका है।

शताब्दी वर्ष वॉल का होगा अनावरण

ऐतिहासिक फोटो प्रदर्शनी एवं हेरिटेज आर्टिफैक्ट प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा। स्टेशन परिसर में शताब्दी वर्ष वॉल का अनावरण एवं हिलियम बैलून रेजिंग का आयोजन होगा। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा बाइक परेड का प्रदर्शन किया जाएगा,
जिसमें सिविल डिफेंस, स्काउट गाइड और स्कूली बच्चों की परेड भी शामिल होगी। क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हुए आदिवासी लोक नृत्य का मंचन विशेष आकर्षण रहेगा। इस अवसर पर ड्राइंग एवं क्विज प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। शताब्दी वर्ष गार्ड का उद्घाटन, विशेष डाक कवर (पोस्टल कवर) का विमोचन तथा रतलाम स्टेशन मैगजिन का रीलिज भी समारोह का हिस्सा होगा।

भवन की ऐतिहासिक यात्रा का उत्सव

श्री कुमार ने बताया कि रतलाम रेलवे स्टेशन का यह शताब्दी पर्व न केवल एक भवन की ऐतिहासिक यात्रा का उत्सव है, बल्कि यह उस गौरवशाली विरासत को भावांजलि भी है जिसने पिछले सौ वर्षों में रतलाम को भारत की रेल व्यवस्था के प्रमुख केंद्रों में स्थापित किया है।

पत्रकारों से चर्चा के दौरान मौजूद डीआरएम के साथ अन्य अधिकारी

मीडिया से चर्चा के वरिष्‍ठ मंडल वाणिज्‍य प्रबंधक हीना वी. केवलरामानी तथा वरिष्‍ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर भजन लाल मीना भी उपस्थित रहे।

दिल्ली–मुंबई मुख्य रेल मार्ग के मध्य बिंदु पर

15 अगस्त 1947 का ऐतिहासिक भारतीय राष्ट्र ध्वज का प्रथम झंडावंदन रतलाम रेलवे स्टेशन के मुख्य भवन पर करते हुए रतलाम के तत्कालीन डिस्ट्रिक्ट ट्रैफिक सुपरिंटेंडेंट। इस ऐतिहासिक क्षण को कैमरे से कैद करने का सौभाग्य प्रसिद्ध फोटोग्राफर माय डियर गजानन शर्मा को मिला। (जैसा की प्रेस फोटोग्राफर लगन शर्मा ने बताया)

150 वर्ष पुराना है रतलाम रेलवे स्टेशन पर रेल संपर्क का इतिहास

जनसंपर्क अधिकारी, रतलाम मंडल खेमराज मीना ने बताया स्थित पश्चिम रेलवे का रतलाम रेलवे स्‍टेशन पर रेल संपर्क का इतिहास लगभग 150 वर्षों से अधिक पुराना है तथा पुरातन स्‍टेशन भवन लगभग 100 वर्ष पुराना है। रतलाम रेल मंडल की बात करें तों यह  होलकर, सिंधिया और राजपुताना-मालवा
रेल से लेकर आज के पश्चिम रेलवे तक-यह विकास, विरासत और प्रगति की एक अनोखी कहानी है। प्रसिद्ध फोटोग्राफर माय डियर गजानन शर्मा द्वारा उस दौरान लिए गए दुर्लभ चित्र उनके सुपुत्र लगन शर्मा ने रेल प्रशासन को उपलब्ध करवाने में अहम भूमिका का निर्वाह किया।

होलकर स्टेट रेलवे की स्थापना वर्ष 1870 से 1876 के बीच महाराजा तुकोजीराव होलकर द्वितीय की दूरदर्शी पहल पर खंडवा से इंदौर के मध्य की गई थी। इसके उपरांत महाराजा सिंधिया द्वारा 1871 से 1880 के बीच इंदौर-नीमच मीटर गेज रेल लाइन का निर्माण कराया गया, जिसे सिंधिया-नीमच रेलवे के नाम से जाना गया। वर्ष 1881 में नीमच-नसीराबाद लाइन के पूर्ण होने के साथ यह क्षेत्र रेल संपर्क से और अधिक सशक्त हुआ। वर्ष 1881-82
के दौरान होलकर रेलवे, सिंधिया-नीमच रेलवे और राजपुताना रेलवे का एकीकरण कर राजपुताना-मालवा रेलवे का गठन किया गया। रतलाम में पहली मीटर गेज रेल लाइन 1874 में प्रारंभ हुई, जबकि लगभग दो दशक बाद वर्ष 1893 में ब्रॉड गेज रेल लाइन का शुभारंभ हुआ, जो मुंबई (तत्कालीन बंबई)-दिल्ली मुख्य
मार्ग का एक प्रमुख हिस्सा थी। रतलाम मंडल की पहली ब्रॉड गेज लाइन गोधरा से लिमखेड़ा के बीच 1893 में प्रारंभ हुई, जबकि रतलाम-नागदा-उज्जैन खंड पर ब्रॉड गेज लाइन 1896 में खुली। 1885 से लेकर स्वतंत्रता प्राप्ति तक इन रेल व्यवस्थाओं का संचालन बॉम्बे, बड़ौदा एवं सेंट्रल इंडिया रेलवे (B.B. & C.I.) के अधीन रहा, जिसके बाद इसका प्रबंधन भारत सरकार द्वारा संभाला गया।