श्रद्धांजलि : 98 वर्षीय सोहनबाई लुनावत निधन, किए नेत्रदान

श्रद्धांजलि : 98 वर्षीय सोहनबाई लुनावत निधन, किए नेत्रदान

नेत्रम संस्था ने लुणावत परिवार को भेंट किया प्रशस्ति पत्र

हरमुद्दा
रतलाम, 8 फरवरी। संस्कारों और पुण्य कर्मों की जीवन में सार्थकता होती है। काटजू नगर निवासी धर्मपरायण स्व. बाबूलाल लुनावत की धर्मपत्नी सोहनबाई लुनावत (98) ने अपने अंतिम संस्कार से पूर्व भी मानवता को अमूल्य उपहार दे दिया। उनके नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिलने की संभावना है, जिससे उनके जीवन में नई सुबह का आगमन होगा।

नेत्रम संस्था के हेमंत मूणत ने बताया कि इस पुनीत कार्य समाजसेवी संजय हिम्मत कोठारी, बबलू लुनावत, सीए रितेश नागोरी, प्रितेश गादिया एवं विजय लुनावत ने दिवंगत के पुत्र इंदर लुनावत, अशोक लुनावत, राजेन्द्र लुनावत, ललित लुनावत एवं समस्त परिजनों को नेत्रदान के महत्व से अवगत कराया। परिजनों ने सहर्ष अनुमति प्रदान कर समाज के समक्ष अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

पूरी हुई नेत्र संरक्षण की प्रक्रिया

श्री मूणत ने बताया कि परिजनों की सहमति मिलते ही गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल को तत्काल सूचना दी गई। डॉ. ददरवाल टीम के परमानंद राठौड़ के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं सम्मान के साथ नेत्र संरक्षण की प्रक्रिया को पूर्ण किया।

किया प्रशस्ति पत्र भेंट

नेत्रम संस्था द्वारा दिवंगत श्रीमती लुनावत के परिजनों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनकी उदारता, करुणा एवं मानवता के प्रति समर्पण का सम्मान किया गया।