सामाजिक सरोकार : यूजीसी एक्ट के विरोध में सवर्णों ने दिखाई एकता, सड़कों पर उतरा जनसैलाब
रविवार को सवर्ण एकता मंच के बैनर तले बड़ा प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन एक्ट का विरोध किया और भाजपा, कांग्रेस के साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
⚫ रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
हरमुद्दा
शाजापुर, 8 फरवरी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून का जमकर विरोध हो रहा है। शाजापुर में भी रविवार को इसे लेकर सवर्ण एकता मंच के बैनर तले बड़ा प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन एक्ट का विरोध किया और भाजपा, कांग्रेस के साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बस स्टैंड से रैली निकाली गई। जो प्रमुख मार्गों से होकर वापस बस स्टैंड पहुंची और यहां राष्ट्रपति के नाम एसडीएम मनीषा वास्कले को ज्ञापन सौंपा गया।

दोपहर करीब दो बजे बस स्टैंड परिसर से रैली प्रारंभ हुई। रैली में शामिल कई लोगों ने काले कपड़े पहने थे, वहीं कई लोगों ने काले झंडे और यूजीसी एक्ट के विरोध के नारे लिखी तख्तियां हाथ में लेकर विरोध किया। बस स्टैंड से प्रारंभ हुई रैली फब्बारा चौराहा, नईसड़क, आजाद चौक, छोटा चौक, सोमवारियां बाजार, मगरिया चौराहा, टेंशन चौराहा होकर वापस बस स्टैंड परिसर पहुंची। यहां सर्व ब्राह्मण समाज समाज युवा इकाई अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा भोला ने ज्ञापन का वाचन किया। इसके बाद एसडीएम मनीषा वास्कले को ज्ञापन सौंपा गया। सवर्ण एकता मंच ने कहा है कि रविवार को आंदोलन की शुरूआत हुई है, जब तक यह एक्ट पूरी तरह समाप्त नही हो जाता। तब तक चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन, आंदोलन किया जाएगा। मंच द्वारा 22 फरवरी को शहर में आयोजित होने वाली ईडब्लूएस क्रांति रैली में भी शामिल होने का भी सभी से आग्रह किया है। 22 फरवरी को सुबह नौ बजे रैली प्रारंभ होगी। इसमें ईडब्लूएस के सरलीकरण की मांग के साथ यूजीसी एक्ट का विरोध सहित अन्य मांग उठाई जाएंगी।
यूजीसी एक्ट के विरोध में यह बोले लोग
सवर्ण एकता मंच के दिलीप शर्मा ने कहा कि मंच द्वारा रैली ज्ञापन के माध्यम से यूजीसी एक्ट वापस लेने की मांग की जा रही है। यह एक्ट भेदभाव को बढ़ावा देगा, वर्तमान में स्थिति यह है कि सामान्य वर्ग का बच्चा अब ना कॉलेज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर सकता है ना नौकरियों में कंपीटिशन फाइट कर सकता है, ना सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकता है। सवर्णों को बर्बाद करने के लिए ये नियम लाया गया है। जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसे पूरी तरह से समाप्त किया जाना चाहिए। सवर्ण एकता मंच से जुड़े एवं करणी सेना परिवार के अजित सिंह खड़ी डोडिया ने कहा कि यूजीसी का नया बिल काला कानून है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस नए बिल पर रोक लगाए जाने का फैसला का स्वागत योग्य है। किंतु सवर्ण समाज इस कानून को पूरी तरह समाप्त कराना चाहता है। इसी मांग को लेकर यह प्रदर्शन है। करणी सेना परिवार के जिलाध्यक्ष सोनू बना ने कहा कि कहा कि यह कानून उन छात्रों के हाथों में बेड़ियां डालेगा, जो देश का भविष्य है। इस कानून को तुरंत प्रभाव से रद्द कर देना चाहिए।
ज्ञापन में यह भी मांग शामिल
⚫ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने जो सवर्ण समाज की बेटियों पर अभद्र टिप्पणी की थी। जिसका सवर्ण समाज द्वारा विरोध के बावजूद उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई अतिशीघ्र उसे सेवा से बर्खास्त किया जाए।
⚫ हाल ही में रिलीज होने वाली फिल्म घूसखोर पंडित जिसके नाम पर ब्राह्मण समाज इसके टाइटल पर आपत्ति दर्ज करता है? अतिशीघ्र इस फिल्म को बैन कर इसके निर्माता-निर्देशक पर एफआइआर दर्ज की जाए। एससी एसटी एक्ट का कई बार दुरुपयोग होना सामने आया है। एट्रोसिटी एक्ट के किसी भी शिकायत पर सीधे एफआइआर दर्ज ना कर पहले गहन जांच की जाए इसके उपरांत ही कोई कार्रवाई की जाए। सवर्ण समाज के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अमर्यादित भाषा व टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई की जाए एवं एट्रोसिटी एक्ट जैसा एक कानून सवर्णों के लिए भी बनाया जाए।
⚫ किसी भी धर्म के पवित्र ग्रंथ का अपमान करने पर जिसमें मनुस्मृति भी शामिल है, करने पर कड़ी व कठोर कार्रवाई की जाए।
Hemant Bhatt