आंखों देखी : जनसुनवाई... ऐसा हुआ, बिना आवेदन के आया खालिद मोहम्मद, मांगी ट्राई साइकिल
⚫ एडीएम के जाते ही 1:04 पर ही जा चुके थे विभिन्न विभागों के सभी अधिकारी
⚫ जिला पंचायत सीईओ कर रही थी जनसुनवाई
हरमुद्दा
रतलाम, 6 जनवरी। घड़ी में 1 बजकर 24 मिनट हो चुके थे। जिला पंचायत की सीईओ वैशाली जैन ने लगभग सभी आवेदनों पर सुनवाई कर ली थी फिर उन्होंने आवाज लगाई और कोई है क्या? तभी बुजुर्ग खालिद मोहम्मद आए और ट्राई साइकिल की मांग की। उनके हाथ में ना तो आवेदन था। ना उनको अपने मोबाइल नंबर याद थे। सीईओ ने सामाजिक न्याय उपसंचालक को आवाज़ लगाई लेकिन वे चली गईं थीं।

खालिद मोहम्मद नंबर नहीं बता पा रहे थे। मगर उनके पास एंड्रॉयड फोन था। पूछा तो खालिद मोहम्मद ने बताया कि हाट की चौकी हनुमान मंदिर के पास रहता हूं। दो मकान है। तब सीईओ ने कहा कि जब इतना है तो फिर क्यों मदद चाहिए? फिर भी सहानुभूति पूर्वक उनकी सुनवाई की।
... और पहुंच गई उपसंचालक
एंड्रॉयड फोन देते हुए सीईओ जैन ने शिक्षा विभाग के जिला विज्ञान अधिकारी जितेंद्र जोशी को कहा कि अपने मोबाइल नंबर इस मोबाइल से डायल करो और नंबर पता करो। जब तक खालिद मोहम्मद के मोबाइल नंबर निकले, तब तक सामाजिक न्याय की उप संचालक संध्या शर्मा पहुंची।
यह सब थे इसलिए मौजूद
इस दौरान, जनजातीय विभाग की सहायक आयुक्त रंजना सिंह, अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य वाय के मिश्रा, प्राचार्य डॉक्टर मिलिंद डांगे, जिला शिक्षा अधिकारी अनीता सागर, जिला खेल अधिकारी दीपेंद्र सिंह ठाकुर, जितेंद्र जोशी, डूडा के अरुण पाठक व अन्य मौजूद थे। वह भी इसलिए मौजूद थे क्योंकि उन्हें 12 जनवरी को मनाए जाने वाले युवा उत्सव की जानकारी देना थी। यह सभी सीईओ की सहानुभूति पूर्वक की गई संवेदनात्मक कार्रवाई को देख रहे थे। यह जीवन में कितना अमल मिलेंगे, यह तो पता नहीं। मगर सबक अनुकरणीय है।
उसके पहले हुआ था ऐसा
जबकि जब खालिद मोहम्मद जनसुनवाई सभागार में पहुंचे थे, तब यह सभी बैठे हुए सोच रहे थे कि मैडम इसकी सुनवाई नहीं करेंगे। क्योंकि कुछ समय पहले ही एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने आवेदन पर हस्ताक्षर नहीं होने के चलते ही आवेदक को आवेदन पत्र देते हुए कहा कि जो पहले साइन करवा कर लाइए। आवेदन देने वाला यह समझ नहीं पाया कि साइन किसके करवाने हैं। हरमुद्दा ने जब उनसे कहा गया कि आप आवेदक हो आपके ही साइन करना है, तब उन्होंने साइन किए और एडीएम ने आवेदन लिया था।
उपसंचालक के साथ गए खालिद मोहम्मद
सीईओ ने उनका विकलांगता प्रमाण पत्र देते हुए कहा कि इन्हें ट्राई साइकिल कैसे मिलेगी देखिए। उप संचालक शर्मा के साथ खालिद मोहम्मद चले गए। इसके बाद भी सीईओ जैन ने श्री जोशी को खालिद मोहम्मद के नंबर व्हाट्सएप करने के लिए कहा।
जब हुई प्रमाण पत्र की जांच

सामाजिक न्याय उपसंचालक शर्मा खालिद मोहम्मद के दस्तावेज देखे हुए
सामाजिक न्याय की उप संचालक शर्मा ने जब खालिद मोहम्मद से आवेदन मांगा तो आवेदन उनके पास नहीं था। उनसे दस्तावेज मांगे, तब उन्होंने विकलांगता प्रमाण पत्र निकाल कर दिया। विकलांगता प्रमाण पत्र 2015 का बना हुआ था और 40% विकलांग का दर्शाई गई थी। तब उपसंचालक शर्मा ने कहा कि 10 साल हो गए हैं। इसका नया प्रमाण पत्र जिला चिकित्सालय से बनवा कर लाना। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
Hemant Bhatt