लोकार्पण की संभावना : जन सहयोग से बने रंगभवन का मुख्यमंत्री 10 अक्टूबर को कर सकते हैं लोकार्पण, पशोपेश में समिति

लोकार्पण की संभावना : जन सहयोग से बने रंगभवन का मुख्यमंत्री 10 अक्टूबर को कर सकते हैं लोकार्पण, पशोपेश में समिति

⚫ कलेक्टर व एसपी सहित प्रशासनिक अमले ने किया निरीक्षण

⚫ सरस्वती शिशु मंदिर परिसर काटजू नगर में बनाया है सभागार

⚫ समिति सदस्य सहित समाजसेवियों व सांसद निधि से मिली है आर्थिक मदद 

हरमुद्दा
रतलाम, 7 अक्टूबर। सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में रंग भवन का निर्माण किया गया है, जिसके लोकार्पण की संभावना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों 10 अक्टूबर को बन रही है। कलेक्टर मिशा सिंह व पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सहित प्रशासनिक अमले ने बीती शाम सभागार का अवलोकन करते हुए स्कूल का निरीक्षण किया। समिति सदस्यों से चर्चा की है। केवल संभावना के चलते समिति पशोपेश में है। 

नवनिर्मित रंग भवन के मंच पर चर्चा करते हुए कलेक्टर और समिति पदाधिकारी

कलेक्टर सिंह और पुलिस अधीक्षक श्री कुमार सोमवार की शाम को सरस्वती शिशु मंदिर काटजू नगर पहुंचे और नवनिर्मित सभागार का अवलोकन किया। इसके साथ ही स्कूल का भी निरीक्षण किया। यदि 10 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आते हैं तो कार्यक्रम कैसे क्या हो सकता है? इसकी कार्य योजना तैयार करने के लिए बातें की गई। कलेक्टर के साथ एडीएम डॉक्टर शालिनी श्रीवास्तव, एसडीम आर्ची हरित, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर सहित अन्य साथ थे।

किया स्वागत

कलेक्टर का स्वागत करते हुए प्राचार्य

नवागत कलेक्टर का पुष्पगुच्छ एवं कुमकुम बिंदी से स्वागत किया। इस दौरान समिति अध्यक्ष वीरेंद्र सकलेचा, सचिव शैलेंद्र सुरेका, उपाध्यक्ष जवाहर चौधरी, प्राचार्य वत्सला रुनवाल मौजूद थे।

डेढ़ करोड़ की लागत से बना है रंग भवन

सरस्वती शिशु मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष सकलेचा ने हरमुद्दा से चर्चा में बताया कि रंग भवन का निर्माण समिति सदस्य, समाजसेवी तथा सांसद निधि के आर्थिक सहयोग से करीब डेढ़ करोड़ की लागत से बना है। 20 गुणा 45 का मंच बनाया गया है। सभागार में होने वाले स्तरीय आयोजन में 600 व्यक्ति आराम से बैठ सकते हैं। विद्युत एवं ध्वनि की बेहतरीन व्यवस्था की गई है। सभागार एयर कुलिंग वाला है। 

समिति पशोपेश में, कुछ पक्का नहीं

समिति अध्यक्ष श्री सकलेचा ने बताया कि कलेक्टर सिंह ने चर्चा में बताया है कि 10 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव रतलाम जिले के प्रवास आते हैं तो इस कारण लोकार्पण हो सकता है। मगर अभी कुछ पक्का नहीं है। श्री सकलेचा ने बताया कि कार्यक्रम हो तो हम अपनी कार्रवाई करें। लोकार्पण समारोह में आमंत्रित करने के लिए आमंत्रण पत्र छपवाने हैं। शिलालेख बनवाना है। इस कार्य में समय लगेगा। इसलिए अभी तक कुछ भी तय नहीं है। समिति पशोपेश में है। क्या करें ? क्या ना करें।

सभागार की ओर जाते हुए प्रशासनिक अमला