धर्म संस्कृति : विश्व की समस्त दिव्य शक्तियों का सागोद तीर्थ प्रतिष्ठा में आह्वान

धर्म संस्कृति : विश्व की समस्त दिव्य शक्तियों का सागोद तीर्थ प्रतिष्ठा में आह्वान

सागोद तीर्थ में अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव

⚫ किया लघु नंदावर्त पूजन

⚫ जलयात्रा तीर्थ पहुंची

हरमुद्दा
रतलाम, 5 मई। सागोद तीर्थ अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के छठे दिन विश्व की समस्त दिव्य शक्तियों, मातृशक्ति और प्रबल धर्मतत्वों का आव्हान विभिन्न पूजन के माध्यम से किया गया। जिससे परमात्मा के पंच कल्याणक और प्रतिष्ठा में इन दिव्य शक्तियों का सहयोग प्राप्त हो। मंगलवार को देवलोक से प्रभु का च्यवन कल्याणक - चौदह स्वप्न सहित विभिन्न विधान, पूजन- अनुष्ठान होंगे।

जलयात्रा तीर्थ पहुंची

बंधु बेलड़ी आचार्य श्री तिष्ठाचार्य जिन-हेमचन्द्रसागर सूरीश्वर जी म.सा, आदि ठाणा 25 की निश्रा में श्री वीसा पोरवाल जैन श्वेताम्बर तीर्थ ट्रस्ट सागोदिया ट्रस्ट द्वारा आयोजित महोत्सव अब भक्ति के रंग में रंगने लगा है।

यहां आचार्य श्री प्रसन्नचन्द्रसागर सूरिजी म.सा, आचार्य श्री विरागचन्द्रसागर सूरिजी म.सा, आचार्य श्री पदमचन्द्रसागर सूरिजी म.सा. एवं आचार्य श्री आनंदचन्द्रसागर सूरिजी की ने विधि में निश्रा प्रदान की। सोमवार को मंगल वेला में आचार्यश्री एवं चतुर्विद संघ की उपस्थिति में पवित्र जलस्रोतों से जल देवता को आह्वान कर जलयात्रा निकाली गई। इस पवित्र जल से तीर्थ में पूजन - अनुष्ठान विधि प्रारम्भ हुई।

लघु नंदावर्त पूजन किया

यहां पंच परमेष्ठी आदि आठ पद, 10 दिक्कपाल, 9 ग्रह, 64 इंद्र- इन्दराणी,24 यक्ष-यक्षिणी,16 विद्या देवी, अष्ट मंगल, 24 तीर्थंकर प्रभु की माताएं इत्यादि 10 वलयों के माध्यम से लघु नंदावर्त पूजन किया गया। इसी के साथ मंगल कुम्भ, दीपक स्थापना, क्षेत्रपाल पूजन, वैदिक पूजन,, दशदिकपाल पूजन, नवग्रह पूजन, अष्ट मंगल पूजन, सौलह विधादेवी एवं लघु सिद्धचक्र पूजन रात्रि में महिला मंडल द्वारा भक्ति सहित लाभार्थी परिवारों सहित विभिन्न आयोजन में समाजजन शामिल हुए। महोत्सव के सातवे दिन मंगलवार को प्रभु के माता-पिता,इंद्र -इन्द्राणी, प्रतिष्ठाचार्य - धर्माचार्य स्थापना पूजन, देवलोक से प्रभु का माता की कुक्षी में च्यवन अवतरण, चौदह स्वप्न आदि आयोजन होंगे।