सीईओ की कार्रवाई : सरपंच को रिश्वत लेने का दोषी पाए जाने पर हटाया पद से
⚫ अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए ₹20000 की ली घूस
⚫ नहीं लड़ पाएगा 6 वर्ष तक चुनाव
हरमुद्दा
रतलाम 15 जुलाई। ग्राम पंचायत हरियाखेड़ा (जनपद पंचायत पिपलोदा) के सरपंच जितेंद्र पाटीदार ने अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के एवज में ₹20000 की घूस ली थी। न्यायालय में सरपंच के दोष सिद्ध होने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रृंगार श्रीवास्तव ने पद से हटा दिया है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रृंगार श्रीवास्तव
उल्लेखनीय है कि शिकायतकर्ता पिंटू मुनिया पिता अंबाराम मुनिया मैनेजर हर्ष इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी निवासी रतलाम द्वारा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई उज्जैन को शिकायत की गई कि ग्राम पंचायत हरियाखेड़ा से 200 डंपर मुरम की आवश्यकता होने से खनिज विभाग की अनुमति प्राप्त करने के लिए ग्राम पंचायत हरियाखेड़ा से अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की गई।
जनवरी 2025 में हुआ था आर्थिक मामला दर्ज
सरपंच ग्राम पंचायत हरियाखेड़ा जितेंद्र पाटीदार द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए रिश्वत की मांग करने पर सरपंच पाटीदार को राशि रुपए 20000 की रिश्वत लेते हुए 23 जनवरी 2025 को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई, उज्जैन के द्वारा अधिनियम 1981 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण पंजीकृत किया गया। एफआईआर प्रेषित करते हुए सरपंच के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया।
न्यायालय में चला सरपंच के खिलाफ मामला
उक्त आधार पर सरपंच पाटीदार के विरुद्ध न्यायालय जिला पंचायत रतलाम में धारा 40 के तहत दर्ज प्रकरण में अनावेदक सरपंच की समुचित सुनवाई उपरांत प्रकरण में अनावेदक सरपंच पाटीदार को एक लोक सेवक होकर कार्य के बदले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का दोषी पाया जाना प्रमाणित पाया गया।
हटाया पद से, नहीं लड़ पाएगा 6 वर्ष तक चुनाव
सजपंच पाटीदार को लोकहित में पद पर बने रहना अवांछनीय पाया जाने के कारण सीईओ जिला पंचायत श्रृंगार श्रीवास्तव द्वारा मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 (1)का (ख) के तहत सरपंच ग्राम पंचायत हरियाखेड़ी को पद से हटा दिया है। मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 (1) के तहत पद से हटाया गया व्यक्ति किसी भी पंचायत का सदस्य नहीं रहेगा, जिसका कि वह सदस्य है ऐसा व्यक्ति इस अधिनियम के अधीन निर्वाचन के लिए 6 वर्ष चुनाव लड़ने के लिए पात्र नहीं रहेगा।
Hemant Bhatt