सामाजिक सरोकार : जैन दिवाकर जी के आचारो और विचारों से संघठन को गढ़ने का काम करें : केबिनेट मंत्री गौतम दक
⚫ युवाओं को धर्म के प्रति अपना रुझान बढ़ाना होगा : खमेसरा
⚫ आप पद के लिए नहीं अपने कद के लिए काम करें : डॉ सेठिया
⚫ वरिष्ठ श्रावक केशरीमल संघवी निम्बाहेड़ा " दिवाकर रत्न" से सम्मानित
हरमुद्दा
उदयपुर, 17 मार्च। हम जैन समाज से आते है। हमें कार्यक्रम में जाना और स्वागत कराना ही हमारा उद्देश्यों नहीं होना चाहिए। हमारे समाज की प्रतिष्ठा देश में बहुत अच्छे स्तर की है, हम दिव्यसनो को ग्रहण कर रहे। उस पर हमारे संगठन एवं समाज को रोक लगाने के लिए काम करना होगा। हमारे तीर्थंकरो व जैन संतो ने जो हमें संपत्ति दी है उस को ध्यान से रखना होगा। शिक्षा के क्षेत्र, साधु संतो की सेवा, विहार समिति, व्यापारिक सहयोग करने की योजना भी हमारे संघठन के माध्यम से होना चाहिए। हम कुछ अच्छा संगठन गढ़े उसको नई ऊंचाई दे और जैन दिवाकर जी के नाम को आगे बढ़ाये तथा उनके आचारों व विचारों से संगठन को गढ़ना होगा।

यह विचार अ. भा. जैन दिवाकर संघठन समिति युवा शाखा के राष्ट्रीय अधिवेशन के द्वितीय सत्र मे राजस्थान सरकार के सहकारिता व नागरिक उडड़यान मंत्री गौतम दक ने व्यक्त किए।
दिवाकर रत्न से किया सम्मान
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नीलेश बाफना एवं मुकेश बम ने संयुक्त रूप से बताया की सम्मेलन के द्वितीय सत्र का शुभारम्भ दोपहर 2 बजे हुवा था जिसमे मुख्य अतिथि के रूप मे राजस्थान सरकार के केबिनेट मंत्री गौतम दक, सेवानिर्वत पुलिस महानिदेशक प्रसन्न कुमार खमेसरा, पूर्व महापोर रजनी डांगी, पूर्व विधायक अशोक नवलखा, साहित्यकार डॉ दिलीप धीग, संगठन समिति अध्यक्ष डॉ आई एम सेठिया, महामंत्री राकेश मेहता, प्रवक्ता जयंतीलाल डांगी, महिला शाखा अध्यक्ष संगीता जारोली, कोषाध्यक्ष संतोष चौपड़ा, युवा अध्यक्ष रमेशचंद मेहता, युवा महामंत्री कमलेश दुग्गड, युवा कोसाध्य्क्ष हेमंत चोपडा आदि मंचसीन थे। संगठन समिति द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार जैन दिवाकर सम्प्रदाय के वरिष्ठ श्रावक केशरीमल संघवी निम्बाहेड़ा का सम्मान " दिवाकर रत्न" अलंकृत से किया गया। यह अभिनन्दन सम्प्रदाय के सभी वरिष्ठ जनो जिन्होंने पूज्य गुरुदेव जैन दिवाकर श्री चौथमल जी म. सा के दर्शन किए और जो वर्तमान मे है उनका संगठन समिति द्वारा घर घर जाकर किया जाएगा।
अनुभव के माध्यम से बताने का करें प्रयास नई पीढ़ी को
अधिवेशन को सेवानिर्वत पुलिस महानिर्देशक प्रसन्नन कुमार खमेसरा ने सम्बोधित करते हुए कहा की जैन समाज मे एक कमी काफ़ी समय से लगती है की हमारे युवाओं का धर्म के प्रति रुझान काफ़ी कम हुआ है। नए बच्चो में मंदिर जाना व साधु संतो के दर्शन करने की कमी देखी गई। युवा पीढ़ी हमारे धर्म और साधु संतो के पास क्यू नहीं जाती, आप हम सब जानते है। जीवन में लगाव किसी न किसी चीज के प्रति जरूर होना चाहिए चाहे वह धर्म के प्रति ही क्यू ना हो। हम हमारे पारिवारिक सारी चीजों को पूरा करने के लिए अच्छा काम करते है, फिर उससे आगे सब आपके लिए अच्छा बोले जिस समाज से हम जुड़े है हम यह कोशिश करें की समाज को अच्छी नई दिशा दे। समाज मै जो कुरीतियाँ है उससे आंखे बंद नहीं करते आने वाली पीढ़ी को समझाने और अपने अनुभव के माध्यम से बताने का प्रयास होना चाहिए। जैन सिद्धांत मे कही आडंबर नहीं है, उसको हमें आगे कैसे लाए और नई पीढ़ी को कैसे बताए।
व्यक्तित्व विकास करते हुए बनाने होगी ब्रांड इमेज
संघठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आई एम सेठिया ने कहा की आज हम सब चाहते हे की हम सफल बने, मगर इसके लिए हमें अपने व्यक्तित्व का विकास करते। अपनी ब्रांड इमेज बनानी होंगी। जो व्यक्ति अपनी महत्वाकांक्षा खो देता है वह कभी अपना निर्माण नहीं कर सकता। जीवन मे आगे बढ़ना है तो हमें छोटे छोटे प्रयासों से अपना व्यक्तित्व का विकास करते हुए अपनी ब्रांड इमेज बनानी होंगी। सबसे पहले हमें इसके लिए अपने मन मे डर है उसको निकलना होगा, मन की कमजोरी को दूर करना होगा। संघठन समिति आने वाले समय मे युवाओं को तराशने का काम भी करेंगी। युवाओं को सम्बोधित करते आपने आव्हान किया की आप पद के लिए नहीं अपने कद को बढ़ाने के लिए काम करें।

युवा शाखा अध्यक्ष रमेशचंद मेहता ने युवा शाखा के प्रकल्पओ और गतिविधियों तथा भावी योजना की जानकारी अधिवेशन में युवाओं को देते स्वागत उद्बोधन दिया। युवा महामंत्री कमलेश दुग्गड ने सदन मे कुछ प्रस्ताव रखे जिसको सदन से सर्व सहमति से पास किए। प्रस्ताव की जानकारी देते हुए बताया कि देशभर मै जैन दिवाकर परिवारों को जोड़ने का कार्य तथा शुक्ल पक्ष की तेरस को जब भी समय मिले गुरु चालीसा, भजन या नवकार मन्त्र के जाप करना है, साथ दुसरा प्रस्ताव जिन जिन वरिष्ठ श्रावको ने पूज्य गुरुदेव के प्रत्यक्ष दर्शन किए और जो वर्तमान मे मौजूद है उनको दिवाकर रत्न सम्मान दिया जावे, तीसरा प्रस्ताव जैन दिवाकर जी की आगामी 150 वी जन्मजयंती पर जैन दिवाकर गौरव यात्रा के माध्यम से एक राष्ट्रीय कार्यक्रम किया जावेगा, और चौथा प्रस्ताव पूज्य गुरुदेव की 150 वी जन्म जयंती पर डाक टिकिट के साथ साथ सिक्कों का प्रकाशन और नीमच से कोटा चलने वाली ट्रेन का नाम जैन दिवाकर एक्सप्रेस करने का प्रस्ताव सदन मे रखा जिसकी सभी साथियों ने अनुमोदना की।
इन्होंने भी किया संबोधित
कार्यक्रम को पूर्व महापोर श्रीमती रजनी डांगी, पूर्व विधायक अशोक नवलखा, कोषाध्यक्ष संतोष चोपडा, महिला अध्यक्ष श्रीमती संगीता जारोली, महावीर बाफना, आदि ने सम्बोधित करते जैन दिवाकर जी के प्रति निष्ठांवान रहने और उनके व्यक्तित्व को जीवन मै उतारते संघ, समाज की सेवा करने का आव्हान युवा साथियो से किया। कार्यक्रम का संचालन प्रवीण कुमार दक ने किया। आभार हेमंत चोपडा ने माना।
रतलाम से यह हुए शामिल अधिवेशन में
कार्यकम मै देश भर के विभिन्न शहरो से हजारों गुरुभक्त कार्यक्रम मै भाग लेने उदयपुर पधारे थे। रतलाम से अधिवेशन में सम्मलित होने के लिए संघ रत्न इन्दर मल जैन वकील साहब, महेंद्र बोथरा, संघ अध्यक्ष अजय खमेसरा, जयंतीलाल डांगी, विनोद गादिया, नवयुवक मंडल अध्यक्ष आशीष कटारिया, महामंत्री वीरेंद्र कटारिया, अरिहंत बोराणा, सौरभ बोथरा के नेतृत्व में कई सदस्यगण ने भाग लिया।
Hemant Bhatt