पुरुषोत्तम मास में देहदान : शिक्षक परिवार का प्रेरणादायी निर्णय
⚫ प्रदेश शासन के गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई
⚫ नेत्र दान से मिलेगी नई जिंदगी
हरमुद्दा
रतलाम, 11 जून। अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास में दान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे पावन समय में नेत्र एवं देहदान करना समाज को नई दिशा देने वाला पुण्य कार्य है। ऐसा ही अनुकरणीय कार्य शिक्षक गौड निवासी रेलवे कॉलोनी परिवार ने किया। शिक्षक परिवार से सबक मिला है।

रेलवे स्कूल के रिटायर्ड शिक्षक दिग्विजय सिंह पिता गणेशीलालजी गौड उम्र 92 वर्ष के बुधवार को निधन के उपरांत उनके एवं रेलवे स्कूल से ही रिटायर पत्नी के द्वारा संयुक्त रूप से रतलाम डॉक्टर लक्ष्मी नारायण पांडे मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन अवसर पर में लिए गए संकल्प के अनुसार परिवार ने तुरंत काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव गोविंद काकानी से संपर्क किया। महज 4 घंटे के भीतर उनके नेत्र दान का पुनीत कार्य बड़नगर गीता भवन ट्रस्ट से डॉक्टर ददरवाल द्वारा परिवारजन व नेत्रम संस्था के सदस्यों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। परिजनों एवं क्षेत्र निवासियों के अंतिम दर्शन के बाद गुरुवार सुबह उनका देहदान संपन्न हुआ।
प्रदेश शासन के गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई

निवास स्थान पर गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए
देहदान के पूर्व निवास स्थान रिटायर रेलवे कॉलोनी पर मध्य प्रदेश शासन द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अंतिम यात्रा घर से निकाल कर डॉ लक्ष्मी नारायण पांडे मेडिकल कॉलेज पहुंची जहां पर मानव संरचना विभाग प्रभारी डॉक्टर राजेंद्र सिंगरौले ने शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए अंग एवं देहदान के महत्व पर प्रकाश डाला। मेडिकल कॉलेज डीन डॉ अनीता मुथा ने केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा लिए गए प्रेरणादायक निर्णय से देहदान के कार्य में गति मिली है| इसी के फल स्वरूप आज 50 वा देहदान मेडिकल कॉलेज को प्राप्त हुआ देहदान के पुनीत कार्य में काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन एवं समाजसेवी संस्थाओं का सराहनीय योगदान सदैव मिलता है।
नेत्र दान से मिलेगी नई जिंदगी
उनके नेत्र एमके इंटरनेशनल आई बैंक को दान की गई। उनकी आंखें दो लोगों को रोशनी देंगी और देह मेडिकल छात्रों की शरीर संरचना पढ़ाई एवं प्रैक्टिकल में अमूल्य योगदान देगी।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस पुण्य कार्य में पुत्र प्रवीण जी, पौत्र कार्तिकेय व चैतन्य, दामाद संदेश शर्मा पूर्व नगर निगम अधिकारी रतलाम, पुत्रवधू डॉक्टर सुनीता एवं पारिवारिक मित्र बंधु की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नेत्रदान व देहदान में शहर अग्रणी
रतलाम शहर नेत्रदान एवं देहदान में अग्रणी है। शासकीय सम्मान प्रक्रिया शुरू होने के बाद इस पुनीत कार्य में गति आई। कोरोना के बाद यहां 20 से अधिक देहदान हो चुके हैं। यहां से आसपास के शासकीय एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालय को देह उपलब्ध करवाए जा रही हैं।
इन्होंने दी श्रद्धांजलि
स्व. श्री गौड़ को विनम्र श्रद्धांजलि क्षेत्रीय पार्षद हितेश पेमाल, नेत्रम संस्था के हेमंत मूणत, सुशील मीनू माथुर, गिरधारीलाल वर्धानी, ओमप्रकाश अग्रवाल, नवनीत मेहता एवं साथी, सदस्यों, मेडिकल कॉलेज पीजी डॉक्टर , स्टूडेंट,स्टाफ ने गायत्री मंत्र के साथ अर्पित की| शोक सभा का संचालन गोविंद काकानी द्वारा किया गया।
Hemant Bhatt