हुआ खामोश त्रासदी का खुलासा : 4 महीने पहले बसा था संसार, अब सूने घर में ख़ामोश हो गईं साँसें
⚫ रतलाम में पत्नी के जाने से टूटे युवक ने लगाई फांसी
⚫ बंद मकान से निकली बदबू, तब चला पता आसपास
हरमुद्दा
रतलाम, 22 जुलाई। जिंदगी जब उम्मीदों का दामन छोड़ दे और अकेलापन आत्मा तक को कचोटने लगे, तो इंसान कभी-कभी वो कदम उठा लेता है जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता। रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत काटजू नगर में बुधवार को एक ऐसा ही हृदयविदारक मामला सामने आया, जहाँ 35 वर्षीय सुरेश उर्फ लखन चौहान ने अपने सूने मकान में साड़ी का फंदा बनाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।जब बंद मकान की दरारों से उठती बदबू पड़ोसियों के आँगनों तक पहुँची, तब जाकर इस खामोश त्रासदी का खुलासा हुआ।

मृतक सुरेश चौहान
माता-पिता का साया पहले ही उठा, अब उजड़ गया सपनों का घर
मिली जानकारी के अनुसार कबाड़ का काम करके अपना पेट पालने वाले सुरेश पिता दर्शन चौहान की जिंदगी में दुखों का सिलसिला नया नहीं था। माता-पिता को वह बहुत पहले ही खो चुका था। तन्हाई के भंवर से निकलने के लिए उसने 30 अप्रैल को नागदा की एक महिला से विवाह किया था, जिसकी पहले शादी हो चुकी थी.। पहली शादी से उसे एक 15 साल की बेटी और 10 साल का बेटा है। बेटा पिता के पास रहता है, जबकि बेटी अपनी मां के साथ सुरेश के घर आई थी। शादी के महज 10 दिन बाद ही पत्नी अपनी बेटी को लेकर मायके चली गई थी और इसके बाद वापस नहीं लौटी। मन में ढेरों अरमान थे कि अब घर में खुशियाँ लौटेंगी, चूल्हा जलेगा और कोई अपना उसका इंतज़ार करेगा। लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंज़ूर था।
शादी के महज़ 10 दिन बाद रूठ गई तक़दीर
शादी के महज़ 10 दिन बाद पत्नी अपनी बेटी को लेकर मायके चली गई। दिन बीतते गए, महीने ढल गए, पर वह लौटकर वापस नहीं आई। चारदीवारी के सन्नाटे और पत्नी के न लौटने के मलाल ने सुरेश को मानसिक प्रताड़ना के उस गहरे अंधेरे में धकेल दिया जहाँ से उसे बाहर निकलने का कोई रास्ता नज़र नहीं आया।
घर का सन्नाटा जब चीख बन गया
बुधवार दोपहर जब काटजू नगर की पहली मंजिल पर स्थित मकान से असहनीय बदबू आने लगी, तो पड़ोसियों का कलेजा कांप उठा। औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी गायत्री सोनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचीं। जब दरवाज़ा खोला गया, तो अंदर का मंजर देखकर हर किसी की आँखें नम हो गईं—सुरेश का बेजान जिस्म छत से लटक रहा था।
जाँच में जुटी पुलिस
पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज भिजवाया है। आशंका जताई जा रही है कि गृह क्लेश और पत्नी के दूर चले जाने के अवसाद में सुरेश ने यह आत्मघाती कदम उठाया। फिलहाल, मर्ग कायम कर पुलिस मामले की हर पहलू से जाँच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सटीक समय का पता चल सकेगा।
Hemant Bhatt