श्री योगीन्द्र सागर ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट में जन्माष्टमी की धूम: परंपरा, उत्साह और सांस्कृतिक चेतना का दिखा अद्भुत संगम
⚫ पूरा परिसर "नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के उद्घोष से गूंजा
⚫ मनमोहक लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी को किया मंत्र मुग्ध विद्यार्थियों ने
हरमुद्दा
रतलाम, 5 सितंबर। शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को सहेजने की दिशा में श्री योगीन्द्र सागर ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट (SYSGI), रतलाम में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में भारतीय परंपरा और आधुनिक युवा ऊर्जा का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
संस्थान के सहसंचालक उमेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक गोपालप्रसाद शर्मा (टंच बाबूजी), सहसंचालक वरदान शर्मा, सहसंचालक उमेश शर्मा तथा निदेशक डॉ. लोकेन्द्र विक्रम सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में लड्डू गोपाल के पूजन-अर्चन और महाआरती के साथ हुआ।

आरती के दौरान पूरा परिसर "नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के उद्घोष से गूंजा
आरती के दौरान पूरा परिसर "नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दहीं हांडी का उत्साह : विद्यार्थियों ने पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में सज्ज होकर न केवल सनातन संस्कृति के प्रति अपने लगाव को दर्शाया, बल्कि मनमोहक लोक नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। जन्माष्टमी उत्सव का मुख्य आकर्षण रोमांचक मटकी फोड़ (दही हांडी) प्रतियोगिता रही।
छात्राओं ने अपने कौशल और आत्मविश्वास का दिया परिचय
बी.टेक., बी.बी.ए., एम.बी.ए., बी.एससी. (माइक्रोबायोलॉजी), बी.एससी. (सीड टेक्नोलॉजी) और बी.ए.एल.एल.बी. (ऑनर्स) के छात्रों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती देते हुए मटकी फोड़ने के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं के लिए विशेष रूप से आंखों पर पट्टी बांधकर मटकी फोड़ने की प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं ने अपने कौशल और आत्मविश्वास का परिचय दिया।
टीम और नेतृत्व क्षमता का होता है विकास
संस्थान के सहसंचालक श्री शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने के साथ-साथ उनमें टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समरसता का विकास करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
सफल आयोजन एवं कुशल मार्गदर्शन
कार्यक्रम का सफल एवं सुचारू संचालन प्रो. मीमांशा मिश्रा एवं प्रो. पल्लवी शुक्ला द्वारा किया गया। वहीं, सांस्कृतिक समिति की प्रो. मनीषा राठौर, प्रो. अंशिता शर्मा, प्रो. टीना हसले, प्रो. शिवानी मोदी और प्रो. चित्रांशी बैरागी ने पूरे आयोजन का बेहतरीन समन्वय संभाला। कार्यक्रम के समापन पर डीन एकेडमिक प्रो. गोविंद झंवर ने अतिथियों, शिक्षकों, अनुशासन समिति एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
Hemant Bhatt