साहित्य सरोकार : बच्चों के लिए विपुल साहित्य की रचना समय की जरूरत
⚫ विचारक रघुनंदन शर्मा ने कहा
⚫ रंगकर्मी संजय मेहता की पुस्तक का लोकार्पण
हरमुद्दा
भोपाल, 26 अगस्त। बच्चों के लिए विपुल और गुणवत्तापूर्ण साहित्य की रचना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। आज बच्चों के साहित्य की कमी महसूस की जा रही है। बच्चों के लिए अधिकाधिक साहित्य सृजन को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

यह विचार मानस प्रतिष्ठान के कार्यकारी अध्यक्ष एवं विचारक रघुनंदन शर्मा ने सुपरिचित लेखक संजय मेहता की पुस्तक ‘एक पेड़ की कथा’ के विमोचन अवसर पर व्यक्त किए। श्री शर्मा ने कहा कि ‘एक पेड़ की कथा’ पर्यावरण संरक्षण के साथ किसान की कथा-व्यथा को भी प्रभावी ढंग से रेखांकित करती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण से जोड़ने में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में लेखक संजय मेहता ने अपनी लेखन-यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि ‘एक पेड़ की कथा’ उनकी छठवीं पुस्तक है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी बच्चों के लिए अधिकाधिक साहित्य लिखने की इच्छा है।
बच्चों के लिए लिखें बड़े लेखक: प्रो.संजय द्विवेदी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि हिंदी में बच्चों के लिए लेखन करने वाले रचनाकारों को अपेक्षित रूप से लेखक का दर्जा नहीं दिया जाता, जबकि अन्य भारतीय भाषाओं में साहित्यिक लेखन की शुरुआत ही बाल साहित्य से होती है। उन्होंने वर्तमान समय में बचपन के सामने उत्पन्न हो रहे संकटों पर भी चिंता व्यक्त की।
रंगमंच के माध्यम से प्रभावी शिक्षण : चौबे
विशिष्ट अतिथि साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. संतोष चौबे ने कहा कि वर्तमान समय में अधिकाधिक साहित्यिक कहानियों का रूपांतरण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नाटकों का मंचन भी व्यापक स्तर पर होना चाहिए, क्योंकि रंगमंच के माध्यम से सामाजिक संदेश प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचता है।
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता एवं विशिष्ट अतिथि गुंजन चौकसे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए। जब इस चिंता से बच्चे जुड़ते हैं तो समाज और संसार दोनों अधिक समृद्ध होते हैं।

इस अवसर पर अनुसंधान पत्रिका ‘समागम’ के विशेषांक ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का विमोचन किया गया तथा लेखकों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में ‘समागम गुरुकुल’ का पोस्टर भी जारी किया गया। संचालन समागम के संपादक प्रो. मनोज कुमार ने किया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे सहित रंगमंच, साहित्य और पत्रकारिता से जुड़े अनेक सुपरिचित हस्ताक्षर उपस्थित रहे।
Hemant Bhatt