सामाजिक सरोकार : अनजान शहर में अकेला था घायल भूपेंद्र
पंजाब के तरन तारन जिले के कसेल निवासी भूपेंद्र (57) सूरत से पंजाब जा रहे थे। यात्रा के दौरान पैर में गंभीर फ्रैक्चर होने पर उन्हें 13 अगस्त को रतलाम के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। भूपेंद्र के बेटे कनाडा में रहते हैं, इसलिए इस संकट के समय वह यहाँ बिल्कुल अकेले थे।
⚫ ट्रेन में हुआ हादसा, मेडिकल कॉलेज में मिला नया जीवन
⚫ मिली 'काकानी' की संवेदनशीलता
⚫ मंत्री काश्यप के सहयोग से मुस्कुराते हुए लौटा पंजाब
हरमुद्दा
रतलाम, 26 अगस्त । कहते हैं कि इंसानियत की कोई सीमा नहीं होती और मदद के लिए उठे हाथ किसी भी अनजान शहर को अपना बना देते हैं। ऐसा ही एक प्रेरक और संवेदनशील उदाहरण रतलाम के डॉ. लक्ष्मी नारायण पांडे मेडिकल कॉलेज में देखने को मिला, जहाँ सूरत से पंजाब की ट्रेन यात्रा के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए 57 वर्षीय भूपेंद्र सिंह को न केवल बेहतरीन इलाज मिला, बल्कि उन्हें सुरक्षित घर पहुँचाने का पूरा सहारा भी दिया गया।

ट्रेन में हुआ हादसा, मेडिकल कॉलेज में मिला नया जीवन
पंजाब के तरन तारन जिले के कसेल निवासी भूपेंद्र (57) सूरत से पंजाब जा रहे थे। यात्रा के दौरान पैर में गंभीर फ्रैक्चर होने पर उन्हें 13 अगस्त को रतलाम के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। भूपेंद्र के बेटे कनाडा में रहते हैं, इसलिए इस संकट के समय वह यहाँ बिल्कुल अकेले थे। अस्पताल अधीक्षक प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में अस्थि विभागाध्यक्ष डॉ. नितिन कराडिया, डॉ. अवधेश भाटी, डॉ. मोहित और डॉ. कपिल की टीम ने मुस्तैदी से उनका उपचार किया।

अपनों से दूरी मिटाई और संभाली सफर की जिम्मेदारी
स्वास्थ्य लाभ मिलने के बाद जब भूपेंद्र ने घर लौटने की इच्छा जताई, तो डॉक्टरों ने जिला रोगी कल्याण समिति के सदस्य और समाजसेवी गोविंद काकानी से संपर्क किया।
अपनों से जोड़ा: काकानी ने अस्पताल पहुँचकर सबसे पहले वीडियो कॉल के जरिए भूपेंद्र की उनके परिजनों से बात करवाई, जिससे बुजुर्ग मरीज का मनोबल बढ़ा।
टिकट की व्यवस्था: काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से उनकी यात्रा के लिए तुरंत टिकट उपलब्ध कराया गया।
कैबिनेट मंत्री का सहयोग: प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं विधायक चैतन्य काश्यप के विशेष सहयोग से ट्रेन में कंफर्म रिजर्वेशन की व्यवस्था कराई गई, ताकि यात्रा में कोई असुविधा न हो।
मानवीय सरोकार की मिसाल
सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूरी होने के बाद भूपेंद्र को सकुशल पंजाब के लिए रवाना किया गया। समाजसेवी गोविंद काकानी ने कहा कि किसी अनजान शहर में अकेले और लाचार व्यक्ति को उसके परिवार तक सुरक्षित पहुँचाना सबसे बड़ा मानवीय दायित्व है।
चिकित्सकों की तत्परता, अस्पताल प्रबंधन के समर्पण, काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की सेवा भावना और मंत्री चैतन्य काश्यप के सहयोग के इस अनोखे संगम ने यह साबित कर दिया कि जहाँ सामाजिक सरोकार जिंदा हैं, वहाँ कोई भी व्यक्ति खुद को अकेला महसूस नहीं कर सकता।
Hemant Bhatt