उपलब्धि सरोकार : रतलाम के लाल का इसरो में परचम, वैज्ञानिक हिमांशु शुक्ला को मिला राष्ट्रीय ASI अवार्ड 2025

एक मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सबसे बड़े अंतरिक्ष मिशनों में अपना योगदान देना रतलाम ही नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। हिमांशु शुक्ला की यह सफलता साबित करती है कि यदि लगन, कड़ी मेहनत और सही दिशा हो, तो छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी ब्रह्मांड की असीम ऊंचाइयों को छू सकती हैं।

उपलब्धि सरोकार : रतलाम के लाल का इसरो में परचम, वैज्ञानिक हिमांशु शुक्ला को मिला राष्ट्रीय ASI अवार्ड 2025

गगनयान मिशन में निभाई अहम भूमिका

⚫ दिग्गजों के हाथों मिला सम्मान

⚫​ युवाओं के लिए प्रेरणा और शहर में हर्ष की लहर

हरमुद्दा
​अहमदाबाद /रतलाम, 13 अगस्त। दृढ़ संकल्प और नवाचार के बल पर रतलाम के प्रतिभावन वैज्ञानिक हिमांशु शुक्ला ने राष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम गौरवान्वित किया है। अलकापुरी निवासी एवं अहमदाबाद स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर में कार्यरत हिमांशु शुक्ला पिता चंद्रशेखर शुक्ला को प्रतिष्ठित 'एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (ASI) अवार्ड 2025 – स्पेसक्राफ्ट एंड रिलेटेड टेक्नोलॉजी' से सम्मानित किया गया है।

अंतरिक्ष और स्पेसक्राफ्ट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पूरे देश में से हिमांशु का चयन भारत के चुनिंदा और शीर्ष वैज्ञानिकों में हुआ है।


​वैज्ञानिक नवाचार और गगनयान मिशन में ऐतिहासिक योगदान
​हिमांशु शुक्ला की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि भारत के अंतरिक्ष अभियानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसरो में अपनी सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण शोध और प्रक्रियाएं विकसित की हैं:
​भारत में पहली बार एडवांस कोटिंग: हिमांशु ने हाई पावर RF एम्प्लीफायर के लिए देश में पहली बार 'एडवांस कोटिंग प्रक्रिया' विकसित की, जिसने इसकी कार्यक्षमता और दक्षता को नए आयाम दिए।

गगनयान के लिए कंटैमिनेशन-फ्री तकनीक: उन्होंने वैक्यूम ग्रेड सरफेस कोटिंग तथा 3D प्रिंटेड स्पेसक्राफ्ट स्ट्रक्चर के लिए 'कंटैमिनेशन-फ्री एनोडाइजिंग प्रक्रिया' का विकास किया। इस तकनीक का सीधा योगदान भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन 'गगनयान' सहित कई अन्य प्रमुख अभियानों में रहा है।

दिग्गजों के हाथों मिला सम्मान

अहमदाबाद में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान इसरो चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन एवं पूर्व इसरो चेयरमैन डॉ. ए.एस. किरण कुमार ने हिमांशु को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा।

​युवाओं के लिए प्रेरणा और शहर में हर्ष की लहर

एक मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सबसे बड़े अंतरिक्ष मिशनों में अपना योगदान देना रतलाम ही नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। हिमांशु शुक्ला की यह सफलता साबित करती है कि यदि लगन, कड़ी मेहनत और सही दिशा हो, तो छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी ब्रह्मांड की असीम ऊंचाइयों को छू सकती हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कमलेश पाण्डेय, प्रियंका पाण्डे सहित शहर के गणमान्य नागरिकों एवं परिजनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।