श्वान की चीखों से कांप उठा इलाका: रतलाम में बेज़ुबान  पर डंडों से बर्बरता

श्वान की चीखों से कांप उठा इलाका: रतलाम में बेज़ुबान  पर डंडों से बर्बरता

रोकने पर और आक्रामक हुआ आरोपी

आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज

⚫ ​उठ रहे गंभीर सवाल

हरमुद्दा
​रतलाम, 22 सितंबर। इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घिनौनी वारदात में एक बेज़ुबान, मासूम कुत्ते को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दर्द से कराहते और चीखते हुए इस मूक प्राणी की आवाज जब पूरे इलाके में गूंजी, तो लोगों की रूह कांप उठी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।


​क्या है पूरा मामला?

घटना सोमवार (21 सितंबर) शाम करीब 4 बजे औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत 'डीजल शेड रोड, पानी की टंकी' के पास की है। प्रत्यक्षदर्शी संजू भूरिया ने बताया कि वे अपने घर पर मौजूद थे, तभी अचानक बाहर से किसी कुत्ते के जोर-जोर से रोने और चीखने की दिल नहला देने वाली आवाजें आने लगीं। जब वे घबराकर तुरंत बाहर निकले, तो सामने का नजारा देखकर दंग रह गए।


​पड़ोस में रहने वाला आरोपी अशरफ मुसलमान एक 4 वर्षीय सफेद-भूरे रंग के बेज़ुबान कुत्ते पर लाठी से अंधाधुंध और बर्बरतापूर्वक वार कर रहा था। कुत्ता दर्द से तड़प रहा था और अपनी जान बचाने के लिए गिड़गिड़ा रहा था, लेकिन आरोपी का दिल नहीं पसीजा।

रोकने पर और आक्रामक हुआ आरोपी

संजू भूरिया और उनके साथी जीवन सूर्यवंशी ने जब आगे बढ़कर आरोपी को इस हैवानियत से रोकने की कोशिश की, तो आरोपी उलटा और अधिक आक्रामक हो उठा। वह इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए उस जख्मी कुत्ते को घसीटते हुए दूर ले जाने लगा। हालांकि, संजू और जीवन ने अपनी समझदारी और हिम्मत दिखाते हुए आखिरकार बेज़ुबान को आरोपी के चंगुल से सुरक्षित छुड़ाया।

थाने पहुंचा मामला, पुलिस की त्वरित कार्रवाई

इस मूक प्राणी पर हुए जानलेवा हमले से आक्रोशित संजू भूरिया अपने साथी अमित एंथोनी के साथ तुरंत औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुंचे और घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई। बेज़ुबान पर हुए इस अत्याचार पर पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए आरोपी अशरफ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 (पशुओं को मारने या अपंग करने संबंधी अपराध) पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत गैर-जमानती और संगीन धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

उठ रहे गंभीर सवाल

जो बेज़ुबान बोल नहीं सकते, अपनी तकलीफ बयां नहीं कर सकते, उन पर इस तरह का जानलेवा हमला समाज की गिरती मानसिकता को दर्शाता है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी बेज़ुबान पर हाथ उठाने से पहले सौ बार सोचे।