तुगलकी फैसला : भाग कर शादी करने वाले युवक युवती के परिजनों को करेंगे बहिष्कृत
भारतीय संविधान द्वारा दिए गए नागरिक अधिकारों को किसी गांव के लोग कैसे समाप्त कर सकते है? यदि दो बालिग युवक युवती अपनी स्वेच्छा से विवाह करते है तो इसमें उनके परिवारों को दोषी कैसे माना जा सकता है?
⚫ बहिष्कृत परिवार से संबंध रखने वाले पर भी होगी ऐसी ही कार्रवाई
⚫ नौकरी उनके घर दूध देने जाएगा और नहीं उन्हें दुकानों से राशन पानी मिलेगा
⚫ तीन परिवारों को किया बहिष्कृत
हरमुद्दा
रतलाम, 25 जनवरी। अब भाग कर प्रेम विवाह करने वाले युवक युवती के परिवार वालों का बहिष्कार करेंगे। इतना ही नहीं ग्रामवासियों ने गांव के तीन परिवारों को बहिष्कृत करने की भी तुगलकी घोषणा की है। गांव वालों ने यह निर्णय भी लिया है कि जो कोई भी किसी बहिष्कृत परिवार से सम्बन्ध रखेगा, गांव के लोग उसका भी बहिष्कार करेंगे।

तुगलकी फैसला सुनाते हुए
तुगलकी फैसला हुआ है जिले की पिपलौदा तहसील के गांव पंचेवा में। पंचेवा के रहवासियों ने मिलकर यह तुगलकी निर्णय किया है। पंचेवा के गांव वालों द्वारा लिया गया तुगलकी निर्णय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
ना दिया जाएगा दूध, न दुकानों से कोई सामान
वीडियो में बहिष्कार के निर्णय की जानकारी देने वाला युवक बता रहा है कि जिस भी परिवार के युवक युवती भाग कर प्रेम विवाह करेंगे, उस पूरे परिवार का गांव के लोग पूरी तरह बहिष्कार करेंगे। ना तो उस परिवार में दूध दिया जाएगा ना ही किसी दुकान से कोई सामान बेचा जाएगा। यहां तक की कोई मजदूरी पर भी नहीं बुलाएगा। न ही उसका खेत लीज पर रखेगा।
बहिष्कृत परिवार से संबंध रखने वाले पर भी होगी ऐसी ही कार्रवाई
यह भी बताया है कि अगर कोई व्यक्ति गांव द्वारा बहिष्कृत किसी परिवार से किसी भी तरह का सम्बन्ध रखेगा, उसका भी गांव वालों द्वारा बहिष्कार किया जाएगा। बहिष्कार की जानकारी देने वाला व्यक्ति ने बहिष्कृत किए गए तीन परिवारों के नाम की भी घोषणा की।
... तो इसमें परिवार के लोग दोषी कैसे
गांव वालों द्वारा बहिष्कार के निर्णय की घोषणा के बाद अब यह सवाल खडा हो रहा है कि भारतीय संविधान द्वारा दिए गए नागरिक अधिकारों को किसी गांव के लोग कैसे समाप्त कर सकते है? यदि दो बालिग युवक युवती अपनी स्वेच्छा से विवाह करते है तो इसमें उनके परिवारों को दोषी कैसे माना जा सकता है?
Hemant Bhatt