110 ग्राम एम.डी. ड्रग्स के साथ तीन आरोपी मनीष, महेश, कुणाल गिरफ्तार
⚫ नशे के खिलाफ रतलाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई
⚫ अवैध परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिलें भी जब्त
हरमुद्दा
रतलाम, 6 नवंबर। जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करों के खिलाफ रतलाम पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के सख्त निर्देशों के बाद, थाना पिपलौदा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो अलग-अलग प्रकरणों में कुल 110 ग्राम एम.डी. (मेफेड्रोन) ड्रग्स जब्त की है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से अवैध परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं।

यह कार्रवाई न केवल पुलिस की मुस्तैदी को दर्शाती है, बल्कि समाज में तेजी से फैल रहे नशे के जहर और युवाओं की बर्बादी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
दो अलग-अलग मामलों में हुई कार्रवाई

प्रकरण 1 (अपराध क्र. 426/2026, धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट):
चौकी सुखेड़ा प्रभारी उपनिरीक्षक राजू मखोड़ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुखेड़ा निवासी महेश उर्फ सन्नी सिंघानिया जावरा की तरफ से मोटरसाइकिल पर अवैध मादक पदार्थ लेकर आ रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ग्राम पंचेवा के मगरे पर घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 54 ग्राम एम.डी. ड्रग्स और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की गई।
प्रकरण 2 (अपराध क्र. 427/2026, धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट):
इसी रात थाना पिपलौदा के सहायक उपनिरीक्षक दीपक दीक्षित को मिली सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने देवगढ़ फंटा ग्राम आम्बा के पास कार्रवाई की। इस दौरान दो संदिग्ध युवकों—मनीष मईडा और कुनाल खराडी (दोनों निवासी एकलव्य कॉलोनी, सैलाना)—के कब्जे से 56 ग्राम एम.डी. ड्रग्स और एक अन्य मोटरसाइकिल विधिवत जब्त की गई।

गिरफ्तार आरोपी

⚫ महेश उर्फ सन्नी पिता राम स्वरूप सिंघानिया (आयु 26 वर्ष), निवासी- लोधा मोहल्ला, ग्राम सुखेड़ा (अपराध क्र. 426/2026)।
⚫ मनीष मईडा पिता ओमप्रकाश जी मईडा (आयु 27 वर्ष), निवासी- एकलव्य कॉलोनी, सैलाना, जिला रतलाम (अपराध क्र. 427/2026)।
⚫ कुणाल खराडी पिता बीरसिंह खराडी (आयु 24 वर्ष), निवासी- एकलव्य कॉलोनी, सैलाना, जिला रतलाम (अपराध क्र. 427/2026)।

युवाओं को निगल रहा नशे का नासूर
रतलाम पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन साथ ही यह अभिभावकों, समाज और प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है। पकड़े गए सभी आरोपी कम उम्र के हैं—महेश (26), मनीष (27) और कुणाल (24)। यह इस बात का प्रमाण है कि तस्करों का यह नेटवर्क सीधे तौर पर युवा पीढ़ी को अपना निशाना बना रहा है।
अवैध कारोबार की जड़े गहरी
"नशा नाश का द्वार है।" आज एम.डी. जैसी सिंथेटिक ड्रग्स तेजी से युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रही हैं, जिससे न केवल उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है, बल्कि अपराधों का ग्राफ भी बढ़ रहा है।
इस अवैध कारोबार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ड्रग्स का मुख्य स्रोत (सप्लायर) कौन है और यह नेटवर्क कहां-कहां फैला हुआ है।
समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस सामाजिक कैंसर को जड़ से उखाड़ने के लिए समाज को भी आगे आना होगा।
अभिभावकों की भूमिका: माता-पिता को अपने बच्चों की गतिविधियों, उनके उठने-बैठने और अचानक आए बदलावों पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
जागरूकता अभियान: स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण स्तर पर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
मुखबिर तंत्र को सहयोग: यदि आपके आसपास भी कोई संदिग्ध गतिविधि या मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त नजर आए, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
कोई जगह नहीं अवैध कारोबारी के लिए
रतलाम पुलिस की यह सख्त कार्रवाई तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है कि जिले में अवैध कारोबारियों के लिए कोई जगह नहीं है। उम्मीद की जानी चाहिए कि पुलिस इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना तक पहुंचकर इस काले कारोबार का पूरी तरह से सफाया करेगी।
Hemant Bhatt