विद्यार्थियों से संवाद : राष्ट्र निर्माण की शक्ति और युवाओं के लिए प्रेरणा भारतीय सेना
⚫ कर्नल संदीप अहलावत ने कहा
हरमुद्दा
रतलाम, 6 नवंबर। विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में भारतीय सेना की महत्वपूर्ण भूमिका, सैन्य जीवन की चुनौतियों तथा भारतीय सेना में शामिल होकर देशसेवा के अवसरों से अवगत कराने के उद्देश्य से कर्नल संदीप अहलावत, कमांडिंग ऑफिसर, 21 मध्य प्रदेश एनसीसी बटालियन, रतलाम ने विद्यार्थियों से प्रेरक संवाद किया।
सान्दीपनि विद्यालय विनोबा रतलाम में आयोजित करियर सेमिनार में अपने प्रभावशाली एवं सहज संवाद के माध्यम से कर्नल अहलावत ने विद्यार्थियों को बताया कि भारतीय सेना केवल सीमाओं की रक्षा करने वाली संस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, आपदा प्रबंधन और देश के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण शक्ति भी है।

उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय सेना में शामिल होने के विभिन्न अवसरों एवं मार्गों की जानकारी देते हुए कहा कि सेना में प्रवेश केवल एक नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्र की सेवा और स्वयं से ऊपर देश को रखने का संकल्प है।

अपने संवाद के दौरान उन्होंने युवाओं को जीवन में आने वाली चुनौतियों, असफलताओं और कठिन परिस्थितियों का धैर्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ सामना करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।

कर्नल अहलावत के ओजस्वी, स्पष्ट और प्रभावशाली विचारों ने विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी गहराई से प्रभावित किया। उनके संवाद ने विद्यार्थियों में देशप्रेम, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को नई ऊर्जा प्रदान की।

इस अवसर पर प्राचार्य संध्या वोरा, उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने स्मृति चिह्न भेंट किया। करियर प्रभारी मनीषा चौधरी, हीना शाह, पिंकी सोलंकी, जया सोलंकी, शिक्षा जगरवाल, बिंद्राक्षी पंवार, ज्योति मंडलोई आदि उपस्थित थे। संचालन श्यामा वर्मा ने किया। आभार उप प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने माना।
Hemant Bhatt