30 वर्षों का अटूट रिश्ता: नम आंखों और भारी दिलों से बच्चों ने दी अपनी प्यारी शिक्षिका नसरीन फातिमा को विदाई
⚫ नसरीन ने दिए अपने प्यारे विद्यार्थियों को उपहार
हरमुद्दा
रतलाम, 31 अक्टूबर। प्राथमिक विद्यालय न्यू पुलिस लाइन रतलाम में शनिवार का दिन एक बेहद भावुक और यादगार पल लेकर आया। यहाँ तीन दशकों (पूरे 30 वर्षों) तक अपनी निस्वार्थ, समर्पित और स्नेहपूर्ण सेवाएं देने वाली शिक्षिका श्रीमती नसरीन समद फातिमा सेवानिवृत्त हुईं। उनके सेवाकाल के अंतिम दिन विद्यालय परिसर में एक गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया, जहाँ शब्दों से ज्यादा छात्र-छात्राओं के आंसुओं और उनके बीच के अटूट भावनात्मक रिश्ते ने हर किसी का दिल झकझोर दिया।

जब विदाई के पलों में छलक पड़े बच्चों के आंसू
एक शिक्षक का दर्जा माता-पिता से कम नहीं होता, और श्रीमती नसरीन फातिमा ने पिछले 30 वर्षों में केवल बच्चों को किताबी ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें एक माँ और मार्गदर्शक की तरह सींचा था। जब विदाई का वक्त आया और बच्चों को यह अहसास हुआ कि अब उनकी वह प्यारी शिक्षिका स्कूल में नहीं दिखेंगी, तो छोटे-छोटे मासूम बच्चों की आंखें नम हो गईं। बच्चों के मायूस चेहरे और उनके रुंधे हुए गले इस बात की गवाही दे रहे थे कि उन्होंने सिर्फ एक शिक्षिका को नहीं, बल्कि अपने एक सच्चे शुभचिंतक और अभिभावक को विदा किया है।
पर्यावरण और शिक्षा का अनूठा संदेश: उपहार में दी 'डिजिटल स्लेट'

इस विदाई समारोह को और भी प्रेरणादायी और खास बनाया शिक्षिका द्वारा दिए गए अनूठे उपहारों ने। दिवंगत समाजसेवी व कांग्रेस नेता स्व. समद खान की धर्मपत्नी श्रीमती नसरीन फातिमा ने अपने विदाई अवसर पर विद्यालय को नए पंखे भेंट किए। सबसे खास पहल यह रही कि उन्होंने बच्चों को 'डिजिटल स्लेट' उपहार स्वरूप दीं। उन्होंने इसके पीछे का उद्देश्य बताते हुए कहा कि उनके दिवंगत पति स्व. खान हमेशा कागज और पेन के अत्यधिक उपयोग के खिलाफ हुआ करते थे। बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाने, पेड़ों को कटने से बचाने और लुप्त होती पुरानी 'पत्थर की स्लेट' की यादों को ताजा करने के उद्देश्य से उन्होंने यह अनूठा कदम उठाया। इसके साथ ही उन्होंने मदरसों और दीनी तंजीमों में भी शिक्षा के प्रसार हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया।
गरिमामय उपस्थिति और सम्मान

विद्यालय की प्राचार्य ममता पुरोहित की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुश्री माथुर ने की, जबकि मंच का सफल संचालन डी. के. जोशी ने किया। कार्यक्रम में संकुल प्राचार्य ममता अग्रवाल, प्रवीण परिहार, श्रीमती प्रीति, श्रीमती जोशी, समस्त शाला एवं आंगनवाड़ी स्टाफ के साथ-साथ पुलिस लाइन के गणमान्य निवासी उपस्थित रहे। सभी ने श्रीमती फातिमा के 30 वर्षों के उत्कृष्ट, निष्कलंक और प्रेरणादायी कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जिला कलेक्ट्रेट व शिक्षा विभाग ने भी उनके इस सेवाभाव और विदाई के समय किए गए जनहितैषी कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में शिक्षिका राधा पाटीदार ने सभी अतिथियों और स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया।
असली दौलत विद्यार्थियों के दिलों में छोड़ी गई छाप
श्रीमती नसरीन समद फातिमा की यह विदाई यह साबित करती है कि एक शिक्षक की असली पूंजी धन-दौलत नहीं, बल्कि उसके द्वारा विद्यार्थियों के दिलों में छोड़ी गई छाप होती है। उनके 30 वर्षों का समर्पण और बच्चों के आंसू इस बात का प्रमाण हैं कि वे हमेशा इन नौनिहालों के दिलों में जिंदा रहेंगी।
Hemant Bhatt