शक ने ली जान: 17 साल के प्रेम विवाह का खौफनाक अंत, पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट

शक ने ली जान: 17 साल के प्रेम विवाह का खौफनाक अंत, पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट

⚫ एक दिन पहले लगवाई थी पति के नाम की हाथों में मेहंदी

⚫ बिछिया का शक 

हरमुद्दा
​मुरार/ग्वालियर, 30 अक्टूबर। प्यार के सात फेरे लेने और ताउम्र साथ निभाने की कसमें खाने वाले एक रिश्ते का अंत इतने खौफनाक तरीके से होगा, किसी ने सोचा भी नहीं था। मुरार थाना क्षेत्र के त्यागी नगर (डिफेंस स्कूल के पास) में एक पति ने शक की दीमक में आकर अपने ही हाथों अपने सुहाग को उजाड़ दिया। करवा चौथ के पावन पर्व से ठीक पहले हाथों में मेहंदी सजाने की तैयारी कर रही पत्नी की केवल इसलिए हत्या कर दी गई, क्योंकि आरोपी पति के दिल में उसकी निष्ठा को लेकर एक वहम घर कर गया था। मृतका की पहचान मधु श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पति का नाम आनंद श्रीवास्तव है।

मृतक मधु श्रीवास्तव


​शक की आग में झुलसा 17 साल पुराना रिश्ता

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आनंद और मधु ने करीब 17 साल पहले परिवार और समाज के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह किया था। दोनों की इस दुनिया में उनके दो प्यारे बच्चे भी हैं। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन वक्त के साथ आनंद के मन में अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर शक पैदा होने लगा। बताया जा रहा है कि हाल ही में पैर में पहनी जाने वाली 'बिछिया' को लेकर पति के मन में गंभीर शक बैठ गया था। इसी मामूली और बेबुनियाद शक के चलते दोनों के बीच अक्सर विवाद होने लगा।

करवा चौथ की खुशियां मातम में बदलीं

यह वारदात उस समय हुई जब देश भर में सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ के व्रत की तैयारियों में जुटी थीं। मधु के हाथों में भी पति के नाम की मेहंदी सजी थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शक में अंधे हो चुके पति ने गुस्से में आकर अपनी ही पत्नी पर ऐसा कहर बरपाया कि उसकी सांसें हमेशा के लिए थम गईं।

वारदात के बाद खुद दी पुलिस को सूचना

आरोपी पति आनंद श्रीवास्तव

घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी आनंद ने खुद पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर अपनी पत्नी की हत्या की सूचना दी। सूचना मिलते ही मुरार थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

मुद्दे की बात 

शक एक ऐसा दीमक है जो पल भर में हंसते-खेलते परिवारों और बरसों के रिश्तों को राख कर देता है। आपसी विश्वास के बिना किसी भी रिश्ते की नींव मजबूत नहीं रह सकती। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर समाज और रिश्तों में संवाद की कमी और बेलगाम गुस्से के खतरनाक परिणामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।