रतलाम में दर्दनाक सड़क हादसा : तेज रफ्तार ट्राले ने बाइक को मारी टक्कर, मां और एक महीने के मासूम की मौत
⚫ परिवार में छाया मातम
हरमुद्दा
रतलाम, 26 अक्टूबर। जिले के नामली थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने जा रहे एक हंसते-खेलते परिवार पर काल बनकर तेज रफ्तार ट्राला टूट पड़ा। इस भीषण हादसे में मां और उसके एक महीने के दूधमुंहे बेटे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद से क्षेत्र में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मिली जानकारी के अनुसार, मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ (दलोदा) स्थित ग्राम लामगरी निवासी 25 वर्षीय अनिल अपनी पत्नी सुगनाबाई, चार वर्षीय बेटी अर्चना और एक महीने के बेटे हर्षित के साथ रतलाम जिले के ग्राम बड़ौदा स्थित अपनी ससुराल आए हुए थे। सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे अनिल अपने ससुर की बाइक से एक महीने के नवजात बेटे हर्षित का जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए नामली जा रहा था। परिवार जैसे ही नामली कृषि उपज मंडी के पास पहुंचा, तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्राले ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर सवार सभी लोग सड़क पर दूर जा गिरे।
पलभर में उजड़ गया परिवार
मौके पर ही मौत: हादसे में 25 वर्षीय सुगनाबाई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही नामली पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत रतलाम मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। इलाज के दौरान एक महीने के मासूम हर्षित ने भी दम तोड़ दिया।
गंभीर हालत में इलाज जारी: हादसे में पिता अनिल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है। वहीं, चार वर्षीय बेटी अर्चना इस अप्रत्याशित हादसे में बाल-बाल बच गई, लेकिन उसने अपनी मां और छोटे भाई को खो दिया है।
पुलिस कार्रवाई और संवेदनशीलता का सवाल
दुर्घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक अपना ट्राला लेकर मौके से फरार हो गया। नामली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार ट्राला चालक की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
खौफनाक सच
यह घटना एक बार फिर सड़कों पर बेकाबू दौड़ते भारी वाहनों (ट्राले-डंपर) की लापरवाही और ओवरस्पीडिंग के खौफनाक सच को उजागर करती है। एक मामूली से काम (जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने) के लिए निकले परिवार के साथ हुआ यह हादसा समाज और प्रशासन के लिए एक बड़ी सीख और संवेदनशीलता का गंभीर मुद्दा है, जिस पर रोक लगाना बेहद जरूरी है।
Hemant Bhatt