फैसला : रंजिश में जानलेवा हमला करने वाले राजीव को 5 साल की सजा

फैसला : रंजिश में जानलेवा हमला करने वाले राजीव को 5 साल की सजा

मामला मार्च 2025 का

⚫ चांदनी चौक में हुए हमले में फंस  गया था फरियादी की पीठ पर चाकू

⚫ दोस्तों ने बीच बचाव कर पहुंचाया अस्पताल

हरमुद्दा
रतलाम, 29 मार्च। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरे ने रंजिश में जान लेवा हमला करने के आरोपी राजीव मईड़ा को 5 साल की सजा सुनाई और अर्थ दंड से दंडित किया। 

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने हरमुद्दा को बताया कि 21 मार्च 2025 को महावीर ज्वैलर्स चांदनी चौक में काम करने वाले फरियादी योगेश राठौर उर्फ बब्बू के साथ शाम 7:30 बजे चांदनी चौक में दो लड़कों के द्वारा पूर्व में हुए विवाद की रंजिश को लेकर चाकू से हमला किया गया था।

चाकू फंस गया था फरियादी की पीठ पर

आरोपियों द्वारा की गई मारपीट में एक चाकू फरियादी की पीठ में फंस गया। दूसरे आरोपी द्वारा भी चाकू से फरियादी को चोट पहुंचाई गई। 

दोस्त ले गए अस्पताल और रिपोर्ट करवाई दर्ज

फरियादी की आवाज सुनकर चांदनी चौक में काम करने वाले महेंद्र राठौरबादल उर्फ धर्मेंद्र जाट ने आकर बीच में बचाव किया। फरियादी को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल रतलाम लेकर गए थे, जहां पर फरियादी की रिपोर्ट पर आरोपी राजीव उर्फ राजू पिता रमेश उर्फ़ रंगा मईड़ा निवासी हरिजन बस्ती सिलावटों का वास रतलाम तथा एक अन्य विधि विरुद्ध बालक के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट लिखी गई थी।

12  साक्षी और वैज्ञानिक रिपोर्ट की प्रस्तुत न्यायालय में

फरियादी द्वारा जेल में आरोपी की पहचान की गई। प्रकरण का विचारण जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरे के न्यायालय में किया गया। अभियोजन की ओर से 12 साक्षी एवं वैज्ञानिक रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की। 

सुनाई सजा

जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशापुरे द्वारा इस मामले में आरोपी राजीव उर्फ राजू मईड़ा को फरियादी योगेश राठौर के साथ चाकू से जानलेवा हमला करने का दोषी पाया। आरोपी राजीव उर्फ राजू को धारा 109(1) / 3(5) भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹3000 के अर्थदंड एवं धारा 25(1ख ) आयुध अधिनियम के अपराध में 3 वर्ष के कारावास और ₹1000 के अर्थदण्ड से दंडित किया गया प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान के द्वारा की गई। 

फैसले का संदेश

यह निर्णय समाज में कानून के प्रति विश्वास को सुदृढ़ करता है तथा यह संदेश देता है कि गंभीर अपराधों में दोषियों को कठोर दंड दिया जाएगा।