हादसा या हत्या : बुलेट सवार सैलाना जनपद के पूर्व सदस्य कृष्ण सिंह राठौर पर गिरा पेड़, हुई मौत

हादसा या हत्या : बुलेट सवार सैलाना जनपद के पूर्व सदस्य कृष्ण सिंह राठौर पर गिरा पेड़, हुई मौत

क्षेत्र में शोक की लहर

⚫ उठने लगे सवाल किसकी अनुमति से काटा जा रहा था पेड़

⚫ दोषियों पर होनी चाहिए कार्रवाई

हरमुद्दा
रतलाम,14 मई। जिले के शिवगढ़ में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे हो गया। सैलाना जनपद के पूर्व सदस्य ठाकुर कृष्णसिंह राठौर बुलेट से जा रहे थे कि छिपकर काटा जा रहा पेड़ उनके ऊपर गिर गया जिससे उनकी मौत हो गई। क्षेत्र में शोक की लहर है। वही सवाल उठने लगे हैं कि आखिर किसकी अनुमति से पेड़ काटा जा रहा था। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रश्न यह भी उत्पन्न होता है कि यह हादसा था या फिर साजिश के हत्या की गई।

मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत सैलाना के पूर्व सदस्य एवं कृष्णा रिसॉर्ट शिवगढ़ के संचालक ठाकुर कृष्णसिंह राठौर (86) दिनचर्या के अनुसार सुबह बुलेट से रिजॉर्ट जा रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे छिपकर काटा जा रहा बबूल का एक पेड़ गिरा और सीधे राठौर को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि उनके सिर में गंभीर चोट आई और पसलियां टूटकर अंदर धंस गईं। इससे उनकी जान चली गई। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय शासकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हत्या की सुई इसलिए घूम रही है कि हर दिन की तय समय पर घर से निकलते और कृष्णा रिसोर्ट बुलेट से जाते थे। यह बात किसी से छुपी नहीं थी। हो सकता है इसी फिराक में षड्यंत्रकारी रहा हो और घटना को अंजाम दिया हो। इस एंगल से भी जांच होनी चाहिए।

क्षेत्र में शोक की लहर

ठाकुर कृष्णसिंह राठौर क्षेत्र के सम्मानित व्यक्तित्वों में गिने जाते थे। वे पूर्व में शिक्षक भी रह चुके थे और सामाजिक व सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। जनपद सदस्य रहने के दौरान भी वे क्षेत्रीय विकास और सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे। दिवंगत राठौर के दो पुत्र सुखवीर सिंह (व्यवसायी) एवं महावीर सिंह (शिक्षक) हैं। राठौर के निधन के बाद शिवगढ़ और सैलाना क्षेत्र में शोक का माहौल है। अंतिम यात्रा गुरुवार शाम 4:00 बजे निवास स्थान शिवगढ़ से निकलेगी।

होनी चाहिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई

घटना के बाद अब प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पेड़ कटाई अवैध थी या बिना सुरक्षा मानकों के की जा रही थी, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई होना चाहिए।