सामाजिक सरोकार : मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: रतलाम में 100 'आपदा मित्रों' के प्रशिक्षण का हुआ आगाज

सामाजिक सरोकार : मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: रतलाम में 100 'आपदा मित्रों' के प्रशिक्षण का हुआ आगाज

​ आपदा के समय तुरंत मिलेगी स्थानीय मदद

⚫"निस्वार्थ सेवा ही मानव धर्म" : अपर कलेक्टर

500 आपदा मित्रों को तैयार करने का लक्ष्य

हरमुद्दा
​रतलाम, 11 अगस्त। किसी प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा के वक्त बिना किसी स्वार्थ के संकट में फंसे लोगों की जान बचाना और उनकी सहायता करना ही सबसे बड़ा मानव धर्म है। इसी निस्वार्थ सेवा भाव और सामाजिक सरोकार के उद्देश्य के साथ रतलाम जिले में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

​मध्यप्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर अजय कटेसरिया के मार्गदर्शन में, एसडीईआरएफ (SDERF) तथा होमगार्ड विभाग द्वारा होमगार्ड लाइन रतलाम में 7 दिवसीय 'आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम' के प्रथम चरण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अपर कलेक्टर (ADM) बृजेन्द्र सिंह रावत एवं डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड/एसडीआरएफ रोशनी बिलवाल द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर की गई।

​आपदा के समय तुरंत मिलेगी स्थानीय मदद

​डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्रीमती बिलवाल ने बताया कि 7 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए स्वयंसेवी आपदा प्रबंधन की बारीकियाँ सीखेंगे। इन आपदा मित्रों को ​रेस्क्यू की अत्याधुनिक और व्यावहारिक तकनीकें,
​आपातकालीन स्थिति में दिया जाने वाला प्राथमिक उपचार,
​आगजनी की घटनाओं के दौरान जीवनरक्षक उपकरणों का संचालन एवं उनका सही प्रयोग सिखाया जाएगा। इन तैयार प्रशिक्षित आपदा मित्रों की मदद से भविष्य में किसी भी आपदा के समय स्थानीय स्तर पर त्वरित राहत और बचाव कार्य संभव हो सकेगा।

"निस्वार्थ सेवा ही मानव धर्म" : अपर कलेक्टर

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर बृजेन्द्र सिंह रावत ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए सामाजिक दायित्व और मानवीय मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "आपदा में सहायता के लिए सदैव तत्पर रहें, क्योंकि मुसीबत में फंसे अनजान व्यक्तियों की बिना किसी स्वार्थ के सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है।" इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा प्रशिक्षुओं को 'आपदा मित्र किट' का वितरण किया गया, जो भविष्य में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उनके काम आएगी।

500 आपदा मित्रों को तैयार करने का लक्ष्य

जिले में कुल 500 आपदा मित्रों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यह 100 आपदा मित्रों का पहला बैच है, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से 100-100 के चार अन्य प्रशिक्षण बैच भी आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में होमगार्ड अधिकारियों ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट किया। प्रशिक्षण सत्र में कंपनी कमांडर बद्री मंडलोई, प्लाटून कमांडर ज्योति बघेल सहित SDERF और होमगार्ड के जवान उपस्थित रहे, जो इन स्वयंसेवकों को तकनीकी बारीकियां सिखाएंगे। संचालन सैनिक तुषार भट्ट द्वारा किया गया।