रतलाम के विधि महाविद्यालय में गणेशोत्सव-गरबा कार्यक्रम के दौरान बाहरी तत्वों का भारी हंगामा
⚫ प्राचार्या व छात्र-छात्राओं से अभद्र व्यवहार की कलेक्टर से शिकायत
⚫ निष्पक्ष जांच, सुरक्षा की गारंटी और दोषियों पर BNS के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग
हरमुद्दा
रतलाम, 22 सितंबर। शहर के प्रतिष्ठित डॉ. कैलाशनाथ काटजू विधि महाविद्यालय परिसर में आयोजित गणेशोत्सव एवं गरबा कार्यक्रम के दौरान बाहरी तत्वों द्वारा अनधिकृत प्रवेश कर भारी हंगामा करने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के विरोध में महाविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को एक सामूहिक ज्ञापन सौंपा है। कलेक्टर के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय को दिया गया। ज्ञापन में दोषियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई और परिसर में भयमुक्त वातावरएकण सुनिश्चित करने की गुहार लगाई गई है।

क्या है पूरा मामला?
छात्र-छात्राओं द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, 21 सितम्बर 2026 को महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में गणेशोत्सव के तहत सांस्कृतिक एवं गरबा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। यह कार्यक्रम महाविद्यालय प्रबंधन की देखरेख और अनुमति से पूर्णतः अनुशासित वातावरण में चल रहा था।
आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान सुनील राठौड़, गन्नी शक्तावत, ऋषभ सुराणा तथा उनके कुछ अन्य अज्ञात साथियों ने महाविद्यालय परिसर में जबरन प्रवेश किया। इन व्यक्तियों ने चल रहे कार्यक्रम में व्यवधान डाला और उसे बंद कराने का प्रयास किया।
प्राचार्या व छात्राओं से अभद्रता और मानसिक दबाव
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बाहरी तत्वों ने कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित छात्र-छात्राओं के साथ अत्यंत अभद्र, आपत्तिजनक और धमकी भरी भाषा का प्रयोग किया। इतना ही नहीं, संस्था की प्रमुख प्राचार्या महोदया के साथ भी अनुचित व अभद्र व्यवहार किया गया। इस घटना के बाद से महाविद्यालय परिसर में अध्ययनरत विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं में डर और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
भ्रामक अफवाहों का खंडन
छात्र-छात्राओं ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि घटना के बाद कार्यक्रम को लेकर "कपल गरबा" और "पैसे लेकर प्रवेश देने" जैसे जो असत्य व भ्रामक आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं और महाविद्यालय की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास हैं। विद्यार्थियों ने मांग की है कि इन झूठे आरोपों की भी तथ्यात्मक जांच कर दिग्भ्रमित करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
छात्रों की प्रमुख मांगें
निष्पक्ष जांच एवं एफआईआर : संपूर्ण घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और साक्ष्यों के आधार पर सुनील राठौड़, गन्नी शक्तावत, ऋषभ सुराणा व अन्य पर BNS की धारा 329, 351, 352, 356 एवं BNSS के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
सुरक्षा व्यवस्था : भविष्य में महाविद्यालय के अधिकृत कार्यक्रमों में बाहरी व अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए और विद्यार्थियों को भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण मिले।
बयान दर्ज हों : घटना के समय मौजूद प्राचार्या, कॉलेज स्टाफ एवं प्रत्यक्षदर्शी छात्र-छात्राओं के आधिकारिक बयान लिए जाएं।
आपराधिक रिकॉर्ड की जांच : घटना में शामिल व्यक्तियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर उसका सत्यापन किया जाए।
विद्यार्थियों का संदेश
"शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए होते हैं। किसी भी बाहरी व्यक्ति को कॉलेज की गरिमा और छात्राओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। यदि समय रहते प्रशासन ने कड़े कदम नहीं उठाए, तो छात्र हित में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।"
Hemant Bhatt