सामाजिक सरोकार : अध्यात्म से ही मिलेगी मानसिक शांति
⚫ समर्थ गुरु असीम उपाध्याय ने कहा
⚫ विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए सम्मानित
हरमुद्दा
रतलाम, 8 अक्टूबर। पिछले 26 वर्षों से लंदन में रह रहे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त समर्थ गुरु असीम उपाध्याय के भारत आगमन पर रतलाम में उनका भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि समर्थ गुरु 'राम सामर्थ्य योग पीठ ट्रस्ट' और 'द ह्यूमन ट्रांसफार्मेशन लैब' के माध्यम से पूरे विश्व में सनातन धर्म का व्यापक प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि महापौर प्रहलाद पटेल थे। सारस्वत डॉक्टर मुरलीधर चांदनीवाला, विशिष्ट अतिथि के रूप डॉक्टर शोभना तिवारी थे। अध्यक्षता विक्रम विश्वविद्यालय के पूर्व आचार्य डॉ. राकेश ढाँढ ने की।
इनका का हुआ सम्मान
इस अवसर पर योग और अध्यात्म के लिए कार्य करने वाले साधकों को ब्रह्म कमल अलंकरण से सम्मानित किया गया।

फोटो जर्नलिस्ट श्री शर्मा का सम्मान करते हुए
⚫ आध्यात्मिक क्षेत्र : डी.पी. चौधरी, रतलाम, योग व संन्यास परंपरा गुरु आदित्यनाथ-नाथ संप्रदाय पीठाधीश्वर, उज्जैन नाथ संप्रदाय
भर्तृहरि गुफा
⚫ महिला स्वास्थ्य कार्य : पद्मश्री डॉ. लीला जोशी
⚫ सामाजिक सेव₹व: डॉ. जयंत सूबेदार, डॉ. मिलेश नागर, स्व. देवेंद्र शर्मा जी (परिवार प्रतिनिधि उपस्थित)
⚫ मानव सेवा समिति : मोहन मुरलीवाला
⚫ फोटोग्राफी एवं मीडिया सेवा : लगन शर्मा, हेमेंद्र उपाध्याय
⚫ योग क्षेत्र में सेवा : प्रेम पूनिया, सुश्री जयश्री राठौर
⚫ शिक्षा एवं इतिहास : डॉ. प्रदीप सिंह राव
⚫ शिक्षक सांस्कृतिक मंच : दिनेश शर्मा, पार्षद देवश्री मयूर पुरोहित
⚫ सामाजिक नेतृत्व : शैला बटवाल, सविता तिवारी, दिलीप व्यास, राजेश तिवारी
⚫ शैक्षणिक सेवा, रेडक्रॉस : डॉ. सुलोचना शर्मा
⚫ पत्रकारिता : गोविंद उपाध्याय, कमल सिंह जादव, डॉ. हिमांशु जोशी,
⚫ समन्वय परिवार : अशोक आप्टे, माधव काकानी
⚫ तुलसी परिवार : सुषमा कटारे, डॉ. गीता दुबे, लेखिका, काव्य एवं शिक्षाविद
⚫ मंच संचालक, लेखक : आशीष दशोत्तर
⚫ युवा प्रेरक : पंकज भाटी
⚫ अंगदान प्रेरक : हेमंत मूणत
⚫ महिला थाना प्रभारी, सुरक्षा सेवा : गायत्री सोनी
⚫ बाल प्रतिभा खेल : शारव शर्मा, उम्र 10 वर्ष अंतर्राष्ट्रीय कराते गोल्ड मेडलिस्ट
यह थे मौजूद

कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य
समारोह में समर्थ गुरु की माता निर्मला उपाध्याय, डॉ. अभय डाबर, डॉ. मिलेश नागर, डॉ. सुलोचना शर्मा, डॉ. गीता दुबे, दिनेश शर्मा, लगन शर्मा, सविता तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित थे। संचालन विकास शैवाल ने किया।
अध्यात्म से ही मिलेगी मानसिक शांति

समर्थ गुरु उपाध्याय संबोधित करते हुए
भारत की आध्यात्मिक चेतना का विस्तार इतना अनंत है, कि अब विश्व उससे मुँह मोड़कर नहीं बैठ सकता। मनुष्य को जो मानसिक शान्ति चाहिए, वह भारतीय अध्यात्म ही दे सकता है। समर्थ गुरु ने बताया कि विश्व भर के युवा बहुत तेजी से वेद और गीता की ओर मुड़ रहे हैं। हमें अपनी चेतना को ऊपर उठाना होगा। हमारी गुरु-परम्परा इसके लिए योग के माध्यम से हमेशा सहायक है।
⚫ असीम उपाध्याय, समर्थ गुरु
विश्व के सब धर्मों के ऊपर सनातन की प्रतिष्ठा

महापौर पटेल विचार व्यक्त करते हुए
विश्व के सब धर्मों के ऊपर सनातन की प्रतिष्ठा है। यह विचार हमें प्राचीन ऋषियों ने दिया है। समर्थ गुरुजी इसी विचार को चारों ओर फैलाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। यह हमारे लिये गौरव का विषय है कि समर्थ गुरु जी की जन्मभूमि रतलाम है। उनका सम्मान करते हुए हम गर्व का अनुभव करते हैं।
⚫ प्रहलाद पटेल, महापौर, नगर निगम, रतलाम
भारत की ऋषि-परम्परा से आते समर्थ गुरु

विचार व्यक्त करते हुए डॉक्टर चांदनीवाला
समर्थ गुरु भारत की ऋषि-परम्परा से आते हैं। समर्थ गुरु विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय पर जोर देने के कारण चर्चा में आए। जिस तरह समर्थ गुरु भारतीय ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं। सनातन के विश्वव्यापी महत्व का प्रतिपादन करने के लिए सुसंस्कृत युवाओं को ही आगे आना होगा।
⚫ डॉ.मुरलीधर चाँदनीवाला, सारस्वत अतिथि
मानव जाति का रूपांतरण संत सब के बिना असंभव

पूर्व आचार्य विचार व्यक्त करते हुए
मानव जाति का रूपांतरण संत-स्वभाव के बिना सम्भव नहीं है। आधुनिक जीवनशैली नई पीढ़ी के लिए घातक सिद्ध हो रही है। मध्यम मार्ग पर चलते हुए कर्म करना चाहिए।
⚫ डॉ. राकेश ढाँढ, पूर्व आचार्य विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन
फोटो : लगन शर्मा
Hemant Bhatt