उपलब्धि सरोकार : लखपति दीदी बनीं पूजा खराड़ी, आजीविका मिशन से बदली जिंदगी

कभी कृषि और मजदूरी कर परिवार चलाने वाली पूजा आज आजीविका मिशन से जुड़कर लखपति दीदी की श्रेणी में पहुंच गई हैं। इससे जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है।

उपलब्धि सरोकार : लखपति दीदी बनीं पूजा खराड़ी, आजीविका मिशन से बदली जिंदगी

हरमुद्दा
रतलाम 7 मार्च। जिले के जावरा ब्लॉक की रूपनगर पंचायत के परवलिया गांव की रहने वाली पूजा खराड़ी आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई हैं। कभी कृषि और मजदूरी कर परिवार चलाने वाली पूजा आज आजीविका मिशन से जुड़कर लखपति दीदी की श्रेणी में पहुंच गई हैं।


पूजा खराड़ी बताती हैं कि जब उन्हें आजीविका मिशन की जानकारी मिली तो वे बालाजी आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ गईं। वर्तमान में वे इस समूह की अध्यक्ष भी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने छोटी-छोटी बचत करना शुरू किया और सबसे पहले 10 हजार रुपए का ऋण लिया, जिसे घर के कार्यों में लगाया। इसके बाद बैंक से सीसीएल के माध्यम से लगभग 15 हजार रुपए का ऋण प्राप्त हुआ।

हर माह हो रही 30000 की कमाई

इसी दौरान उन्हें समूह के माध्यम से तहसील कार्यालय में कैफे कैंटीन संचालित करने का अवसर मिला। प्राप्त राशि से उन्होंने कैंटीन के लिए आवश्यक सामग्री खरीदी और कैंटीन शुरू की। आज उनकी कैंटीन से प्रतिदिन लगभग 1000 रुपए की आय हो रही है, जिससे महीने में करीब 30 हजार और सालाना लगभग 3 लाख 60 हजार रुपए की आय हो रही है।

अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा पूजा

पूजा के इस काम में उनके पति भी सहयोग करते हैं। इसके साथ ही वे कृषि में फूलों की खेती भी कर रही हैं, जिससे उनकी आय में और वृद्धि हुई है। आज पूजा खराड़ी आर्थिक रूप से मजबूत होकर गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
पूजा खराड़ी ने इस उपलब्धि का श्रेय आजीविका मिशन को देती हैं। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।