साहित्य सरोकार : संस्कृतियों के बीच एक पुल बनाती है कविता
⚫ प्रो. रतन चौहान ने कहा
⚫ जनवादी लेखक संघ ने किशनदास 'राही' को याद किया
हरमुद्दा
रतलाम, 7 मार्च। कविता संस्कृतियों के बीच एक पुल का निर्माण करती है। वह भाषाओं को समृद्ध करती है। यदि हम अपनी भाषा को समृद्ध करना चाहते हैं तो हमें जन भाषाओं के पास जाना होगा। लोक भाषाओं के पास जाना होगा। यदि हमें अपनी संस्कृति की रक्षा करना है तो इन भाषाओं को अपनी रचनाओं में शामिल करना होगा। हमारी संस्कृतियों की जड़ें बहुत मज़बूत हैं। हम जितना उनके क़रीब जाएंगे ये भाषाएं हमें और समृद्ध करेंगी। दिवंगत रचनाकार किशनदास 'राही' ने भी इन लोक भाषाओं को अपनी रचनाओं में शामिल कर अपनी कविताओं को समृद्ध किया।

यह विचार जनवादी लेखक संघ द्वारा आयोजित श्रंखला ' एक रचनाकार का रचना संसार' की ग्यारहवीं कड़ी में दिवंगत रचनाकार किशनदास 'राही' पर केन्द्रित आयोजन में प्रोफेसर रतन चौहान ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जब कोई रचनाकार अपनी लोक संस्कृति की तरफ उन्मुख होता है तो वह संस्कृति उसके भीतर समाहित होती जाती है और उसकी रचनात्मकता आम जनता को अपने करीब महसूस होती है।
रचनात्मकता को मजबूत करती है श्रृंखला

श्री राही विचार व्यक्त करते हुए
स्व. राही के पुत्र कैलाश राही ने अवसर पर कहा कि जनवादी लेखक संघ द्वारा शहर के महत्वपूर्ण रचनाकारों को याद करने की यह श्रृंखला शहर की रचनात्मकता को मज़बूत करने के समान है । यह श्रृंखला निरंतर जारी रहना चाहिए ताकि युवाओं को भी इससे प्रेरणा प्राप्त हो।
राही की रचनाओं पर डाला प्रकाश
आयोजन में पद्मश्री डॉ. लीला जोशी, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. सुलोचना शर्मा, पूर्व प्राचार्य डॉ. गीता दुबे , शिक्षाविद शिवकांता भदौरिया , शिक्षाविद डॉ. पूर्णिमा शर्मा, डॉ.स्वर्णलता ठन्ना ने भी स्व. राही की रचनाओं पर प्रकाश डाला।
जनवादी लेखक संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह राठौर ने कहा कि जलेसं द्वारा इस श्रृंखला के माध्यम से अपने दिवंगत रचनाकारों को याद किया जा रहा है।
इन्होंने पढ़ीं रचनाएं

श्री राही का पुस्तक भेंट करते हुए
आयोजन में किशनदास 'राही' की रचनाओं का पाठ ओमप्रकाश मिश्र, नरेन्द्र सिंह पंवार, जुझार सिंह भाटी, नरेंद्र सिंह डोडिया, डॉ.मोहन परमार, विनोद झालानी, गीता राठौर, मांगीलाल नगावत, जितेंद्र सिंह पथिक ,सुभाष यादव , प्रकाश हेमावत, पंकज व्यास , रचना चंद्रावत , चरण सिंह जादव , एस.के.मिश्रा सहित अन्य साथियों ने किया। इस अवसर पर कैलाश राही का पुस्तक भेंट कर सम्मान किया गया। संचालन आशीष दशोत्तर ने किया तथा आभार अब्दुल सलाम खोखर ने व्यक्त किया।
अगला आयोजन मदन वर्मा पर केन्द्रित रहेगा
जनवादी लेखक संघ द्वारा जारी श्रृंखला 'एक रचनाकार का रचना संसार' की 12वीं कड़ी में शहर के महत्वपूर्ण गीतकार रहे स्व. मदन वर्मा की रचनाओं का पाठ किया जाएगा। इस अवसर पर उनके जीवन वृत पर रोशनी भी डाली जाएगी। जनवादी लेखक संघ ने अप्रैल माह में होने वाले आयोजन में सुधिजनों से उपस्थित का आग्रह किया है।
Hemant Bhatt