उपलब्धि सरोकार : रतलाम के पुष्कर ने विपरीत परिस्थितियों को बनाया अवसर
⚫ Re-NEET में बढ़ाए अंक
⚫ अब MBBS की सीट सुनिश्चित...
हरमुद्दा
रतलाम, 25 जुलाई। कहते हैं कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते। इस बात को सच साबित किया है रतलाम के राजीव नगर निवासी पुष्कर कनौजिया ने। अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट के छात्र पुष्कर ने Re-NEET 2026 को चुनौती नहीं, बल्कि अवसर के रूप में स्वीकार किया और अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार करते हुए डॉक्टर बनने के अपने सपने को नई उड़ान दी।

अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. राकेश कुमावत ने बताया कि 3 मई को आयोजित पहली NEET परीक्षा में पुष्कर ने 550 अंक प्राप्त किए थे। उस समय मेडिकल कॉलेज मिलने की केवल संभावना थी। इसके बाद परीक्षा निरस्त होने और Re-NEET की घोषणा से अनेक विद्यार्थी मानसिक रूप से परेशान हो गए। अनिश्चितता, तनाव और भविष्य की चिंता ने अधिकांश छात्रों का मनोबल प्रभावित किया।
अंको में हुआ उल्लेखनीय सुधार

डॉ. कुमावत ने बताया कि Re-NEET की घोषणा के तुरंत बाद अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट की पूरी टीम ने सभी विद्यार्थियों की विशेष काउंसलिंग की, उन्हें लगातार प्रेरित किया और दोबारा पूरी ऊर्जा के साथ तैयारी शुरू करवाई। इसी सकारात्मक मार्गदर्शन का परिणाम रहा कि पुष्कर ने दूसरी परीक्षा में 564 अंक प्राप्त किए और अपने स्कोर में 14 अंकों की बढ़ोतरी करते हुए अपनी रैंक में भी उल्लेखनीय सुधार किया। अब उनका एमबीबीएस में प्रवेश सुनिश्चित है।
नियमित अभ्यास ने दिया आत्मविश्वास
पुष्कर ने बताया कि शुरुआत में Re-NEET की खबर सुनकर वे भी अन्य विद्यार्थियों की तरह निराश हुए थे। मन में कई सवाल थे कि दोबारा परीक्षा कैसी होगी, पहले से बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे या नहीं। लेकिन अभ्यास की फैकल्टी और पूरी टीम ने हर समय उनका मनोबल बनाए रखा। शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और उसी का परिणाम आज सभी के सामने है।
उनके लिए री नीट साबित हुई वरदान
उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों का चयन सीमा रेखा (Borderline) पर था, उनके लिए Re-NEET किसी वरदान से कम नहीं था। जिन्होंने इस अवसर का सही उपयोग किया, उन्हें सफलता मिली। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि जीवन में परिस्थितियाँ कैसी भी हों, कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, क्योंकि हर कठिनाई अपने साथ एक नया अवसर लेकर आती है।
पुष्कर की सफलता पर अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट परिवार ने उनका एवं उनके परिजनों का मिठाई खिलाकर सम्मान किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
पिता चलाते हैं गैरेज
पुष्कर ने बताया कि वे एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता जितेंद्र कनौजिया एक छोटा-सा गैराज संचालित करते हैं और कड़ी मेहनत से परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आज पुष्कर अपने परिवार के पहले डॉक्टर बनने की ओर अग्रसर हैं। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके माता-पिता का सपना साकार किया है, बल्कि समाज के उन हजारों विद्यार्थियों को भी प्रेरणा दी है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट ने पुष्कर कनौजिया एवं उनके पूरे परिवार को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Hemant Bhatt