रतलाम: अवैध संबंधों के रोड़े को हटाने के लिए पत्नी ने प्रेमी संग रची खौफनाक साजिश

पत्नी ललिता ने कुल्हाड़ी से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस दौरान प्रेमी राकेश ने भीमा के पैर जकड़ रखे थे, जबकि उनका साथी भूरा बाहर निगरानी कर रहा था ताकि कोई आ न जाए।

रतलाम: अवैध संबंधों के रोड़े को हटाने के लिए पत्नी ने प्रेमी संग रची खौफनाक साजिश

कुल्हाड़ी से पति को मौत के घाट उतारा

⚫ 72 घंटे में अंधी हत्या का खुलासा

हरमुद्दा
रतलाम, ​सरवन/सैलाना/ 7सितंबर। रतलाम जिले के सरवन थाना अंतर्गत चौकी बेंडदा के गांव बोरदा में हुई सनसनीखेज अंधी हत्या का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पति को अपने और प्रेमी के अवैध संबंधों की भनक लगने पर निर्दयी पत्नी ने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है।

क्या था पूरा मामला?

 मृतक भीमा

02 सितंबर 2026 को गांव बोरदा में एक व्यक्ति की हत्या की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मृतक की पहचान भीमा के रूप में की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस थाना सरवन में अपराध क्रमांक 323/26, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

फरार पत्नी ललिता को किया गिरफ्तार

पत्नी ललिता

घटना के बाद से ही मृतक की पत्नी ललिता फरार चल रही थी, जिससे उस पर शक गहरा गया। पुलिस ने दो दिनों तक लगातार घेराबंदी कर आरोपी पत्नी ललिता को गांव गुड़भैली के एक खेत से हिरासत में लिया।

खौफनाक साजिश : राखी से ही चल रही थी मारने की योजना

कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ललिता ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि करीब एक महीने पहले उसके और राकेश के प्रेम संबंधों के बारे में पति भीमा को पता चल गया था। पकड़े जाने के डर से दोनों ने भीमा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। रक्षाबंधन के पहले से ही हत्या की फिराक में लगे आरोपियों ने 1 तारीख को भीमा को जंगल ले जाकर मारने का प्रयास किया, लेकिन वे नाकाम रहे।
​अंततः घटना वाली रात जब भीमा घर पर सो रहा था, तब पत्नी ललिता ने कुल्हाड़ी से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस दौरान प्रेमी राकेश ने भीमा के पैर जकड़ रखे थे, जबकि उनका साथी भूरा बाहर निगरानी कर रहा था ताकि कोई आ न जाए।

साक्ष्य मिटाने की कोशिश और नाले में फेंकी लाश

हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के लिए शव को पहले बकरी बांधने वाले कोठार में छिपा दिया। खून से सने फर्श को ललिता ने गोबर से लीप कर साफ कर दिया। रात करीब 11:00 बजे राकेश और भूरा दोबारा घर आए और दोनों ने मिलकर भीमा की लाश को घर से निकालकर पास के नाले में फेंक दिया।

2 लाख रुपए का माल और सामग्री जब्त

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर प्रकरण से जुड़ा सामान जब्त किया है।
आभूषण: मृतक का चांदी का कड़ा, सोने की बाली,  पैर की चांदी की कड़ियां।
​अन्य सामग्री: एयरटेल की सिम, घटना के वक्त पहने गए कपड़े और 2 एंड्रॉइड मोबाइल।
​कुल जब्त सामान: लगभग ₹2,00,000 (दो लाख रुपये)।

वरिष्ठ अधिकारियों का निर्देशन और टीम की सराहनीय भूमिका

यह सफलता पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पेंड्रो, अति. पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) सैलाना नीलम बघेल के कुशल मार्गदर्शन में मिली है।

​कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम

हत्या की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी राउटी (डीएसपी) सुरेंद्र सिंह गाडरिया, थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, उप निरीक्षक जगदीश तोमर, उप निरीक्षक गेंदालाल भूरिया, सहायक उप निरीक्षक सोभान सिंगाड, प्रधान आरक्षक हिम्मत सिंह (324), मुकेश (397), गजेंद्र सिंह (485), विजय (597), विमल (896), आरक्षक गजपाल (945), नितेश (98), महिला आरक्षक तुलसी राठौर (1118) सहित थाना स्टाफ और सायबर टीम की सराहनीय व विशेष भूमिका रही।