कलेक्टर के सख्त तेवर: अमानक लाउडस्पीकर पर एसडीएम बनाएंगे एक्शन प्लान
⚫ राशन कालाबाजारी पर सीधे नापेंगे आपूर्ति अधिकारी
⚫ एक महीने का राशन देकर दो महीने का अंगूठा लगवाया तो खैर नहीं
हरमुद्दा
रतलाम, 7 सितंबर। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर अजय कटेसरिया ने प्रशासनिक ढिलाई पर कड़ा रुख अपनाया है। बैठक में जिले में ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट व कड़े निर्देश जारी किए गए।

लाउडस्पीकरों के शोर पर कसेगा शिकंजा, SDM बनाएंगे ठोस रणनीति
शहर व ग्रामीण इलाकों में निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में बजने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) पर अब गाज गिरना तय है।
डेसिबल सीमा का पालन अनिवार्य
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि तय डेसिबल से अधिक आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकरों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसडीएम को सौंपी कमान: सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्रवाई की एक व्यावहारिक और स्पष्ट कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करें और उसे तुरंत जमीन पर उतारें।
राशन वितरण में धांधली पड़ी भारी तो DSO पर भी होगी सीधी कार्रवाई
जनजातीय और ग्रामीण इलाकों में राशन वितरण को लेकर मिल रही शिकायतों पर कलेक्टर ने कड़ी चेतावनी दी है। अब राशन की हेराफेरी के लिए सिर्फ सेल्समैन नहीं, बल्कि जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) भी सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे।
एक महीने का राशन देकर दो महीने का अंगूठा लगवाया तो खैर नहीं
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जब दो माह का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जा रहा हो, तब एक महीने का राशन देकर दो महीने की एंट्री कराने या बायोमेट्रिक अंगूठा लगवाने जैसी शिकायतें बिल्कुल नहीं आनी चाहिए।
कम राशन-ज्यादा एंट्री पर सख्त रुख
घटतौली (कम राशन देकर अधिक मात्रा की एंट्री दर्ज करना) की शिकायतों पर तत्काल और कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस
सैलाना, बाजना और रतलाम ग्रामीण जैसे जनजातीय बहुल क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को पारदर्शी तरीके से समय पर पूरा राशन वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
Hemant Bhatt