सामाजिक सरोकार : 48वें मूक-बधिर मिलन समारोह में बिखरे उत्साह के रंग, कानून और अधिकारों की भी मिली सीख
⚫ मनोरंजक प्रतियोगिताओं ने बांधा समां
⚫ विजेताओं को मिले पुरस्कार
⚫ पड़ोसी राज्यों से भी आए प्रतिभागी
हरमुद्दा
रतलाम, 19 जुलाई। रविवार को रतलाम के प्रसिद्ध श्री बड़वड़ हनुमान मंदिर परिसर में एक बेहद अनूठा और आत्मीय नजारा देखने को मिला। अवसर था 48वें मूक-बधिर मिलन समारोह का, जिसका सफल आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), रतलाम के विशेष समन्वय से किया गया। इस भव्य समागम में न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पड़ोसी राज्यों राजस्थान और गुजरात से भी बड़ी संख्या में मूक-बधिर साथियों और उनके परिजनों ने हिस्सा लिया।

मनोरंजक प्रतियोगिताओं ने बांधा समां, विजेताओं को मिले पुरस्कार
सुबह पंजीयन की प्रक्रिया के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में गजब का उत्साह देखा गया। मूक-बधिर साथियों के मनोरंजन और उनकी कलात्मक प्रतिभा को निखारने के लिए कई अनूठी खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
प्रमुख गतिविधियां
माचिस की तीलियों से आकर्षक आकृतियां बनाना और 'एक मिनट में गुब्बारा फुलाओ' जैसी मजेदार प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहीं।
पुरस्कार वितरण

प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कारों से नवाजा गया। पुरस्कार स्वरूप नगद राशि और आकर्षक उपहार पाकर प्रतिभागियों के चेहरे खिल उठे।
'उल्लास' कार्यक्रम के तहत कानूनी अधिकारों की मिली जानकारी
इस सामाजिक सरोकार के कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार संचालित 'उल्लास' कार्यक्रम के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रतलाम का प्रतिनिधित्व करते हुए धीरज राय एवं संजय ने उपस्थित होकर कानूनी मार्गदर्शन दिया। उपस्थित जनों को उनके विधिक (कानूनी) अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
कानूनी सहायता की महत्वपूर्ण जानकारियां

टोल-फ्री हेल्पलाइन: किसी भी कानूनी सहायता या आपात स्थिति के लिए 15100 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी गई।
निःशुल्क विधिक सहायता: समाज के इस वर्ग को मिलने वाली मुफ्त कानूनी मदद और पीड़ित प्रतिकर योजना के बारे में विस्तार से बताया गया।
अन्याय के खिलाफ आवाज
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि यदि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय या उत्पीड़न होता है, तो वह बिना किसी झिझक के तहसील न्यायालय से लेकर देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) तक न्याय प्राप्त कर सकता है।
कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
आयोजन को सफल बनाने में आयोजक महेश अग्रवाल, गोपाल सोनी के साथ-साथ विशेष रूप से बाहर से पधारे राकेश खंडेलवाल, राकेश गर्ग और गिरीश जैन का सराहनीय योगदान रहा। मूक-बधिर साथियों के संवाद को सुगम बनाने के लिए सांकेतिक भाषा अनुवादक मुकेश शर्मा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, मूक-बधिर साथियों और उनके परिजनों का आभार व्यक्त किया।
अधिकारों के प्रति सशक्त बनाएगा आयोजन
यह आयोजन समाज के उस वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सशक्त बनाने की दिशा में एक अनुकरणीय और सराहनीय कदम साबित हुआ।
⚫ धीरज राय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रतलाम
Hemant Bhatt