गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने के लिए रतलाम में महाअभियान, 27 जुलाई को सौंपा जाएगा ज्ञापन
⚫ 32 सूत्रीय मांग पत्र
हरमुद्दा
रतलाम, 19 जुलाई। सनातन संस्कृति की रीढ़ और जन-जन की आस्था का केंद्र 'गौ माता' को संवैधानिक रूप से राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए देशव्यापी 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' की गूंज अब रतलाम में भी सुनाई दे रही है। 27 जुलाई को गौ भक्तों की मौजूदगी में कलेक्टर को ज्ञापन सौपा जाएगा। इसके पूर्व भी 27 अप्रैल को ज्ञापन दिया गया था। 3 महीने इंतजार करने के बाद 27 अक्टूबर को राजधानी में ज्ञापन दिया जाएगा।
क्रांतिकारी संत स्वामी गौशरणानंद सरस्वती जी महाराज ने प्रेस वार्ता में इस वृहद अभियान की रूपरेखा साझा की गई। स्वामी जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गौ माता केवल एक पशु नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और अर्थव्यवस्था का मूल आधार हैं। उन्हें सम्मान दिलाना हर राष्ट्रभक्त का परम कर्तव्य है।
संत समाज और गौ भक्तों की प्रमुख माँगें
प्रेस वार्ता के दौरान स्वामी गौशरणानंद सरस्वती जी महाराज ने केंद्र और राज्य सरकार से प्रमुख रूप से निम्नलिखित माँगें की हैं।
संवैधानिक दर्जा
गौ माता को अविलंब संवैधानिक रूप से 'राष्ट्र माता' घोषित किया जाए।
पूर्ण प्रतिबंध कानून
संपूर्ण भारत में गौ हत्या पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए एक बेहद सख्त और प्रभावी केंद्रीय कानून बनाया जाए।
गौ संवर्धन व चिकित्सा: देश के हर जिले में सर्वसुविधायुक्त गौ अभयारण्य और आधुनिक गौ-चिकित्सालयों की स्थापना की जाए।
32 सूत्रीय मांग पत्र
इन प्रमुख मांगों के साथ ही गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और स्वावलंबन से जुड़ी अन्य 32 महत्वपूर्ण मांगों को लेकर यह आंदोलन गति पकड़ रहा है।
27 जुलाई को होगा शंखनाद, सौंपेंगे ज्ञापन
अभियान के तहत आगामी 27 जुलाई को रतलाम में एक विशाल और अनुशासित प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान जिलेभर के पूज्य साधु-संतों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में सजग गौ सेवकों की उपस्थिति में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक संयुक्त ज्ञापन जिला कलेक्टर/तहसीलदार को सौंपा जाएगा।
गौ भक्तों से जुड़ने की अपील
प्रेस वार्ता के समापन पर उपस्थित सभी गौ संरक्षकों और आयोजन समिति ने रतलाम के समस्त धर्मप्रेमियों, युवाओं और मातृशक्ति से अपील की है कि वे 27 जुलाई को होने वाले इस पुनीत कार्य में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर अपनी सहभागिता दर्ज कराएं और गौ माता के सम्मान में अपनी आवाज बुलंद करें।
किसी दल का नहीं यह अभियान
"गौ माता की रक्षा और उन्हें राष्ट्र माता का गौरवपूर्ण स्थान दिलाना हमारी सांस्कृतिक स्वतंत्रता की पूर्णता होगी। यह अभियान किसी दल का नहीं, बल्कि हर उस भारतीय का है जो इस धरा से प्रेम करता है।"
⚫ क्रांतिकारी संत स्वामी गौशरणानंद सरस्वती जी महाराज
Hemant Bhatt