प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: एक पर्यवेक्षक और दो पंचायत सचिवों की वेतनवृद्धि रोकी
हरमुद्दा
शाजापुर, 17 अगस्त। जिले में प्रशासनिक कसावट और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना और जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सुश्री मनीषा वास्कले ने सख्त रुख अपनाया है। शासकीय कार्यों में लापरवाही और हितग्राहियों के अधिकारों का हनन करने के अलग-अलग मामलों में महिला एवं बाल विकास विभाग की एक पर्यवेक्षक और दो पंचायत सचिवों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी वेतनवृद्धि रोकने के आदेश जारी किए हैं।

आंगनवाड़ी निरीक्षण में पोल खुली, पर्यवेक्षक पर गाज
हाल ही में 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026' के तहत भ्रमण के दौरान कलेक्टर सुश्री बाफना ने सेक्टर अरनियाकलां के दो आंगनवाड़ी केंद्रों (पंचदेहरिया केंद्र क्रमांक 01 एवं 02) का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति नगण्य मिली, संचालन अव्यवस्थित पाया गया और ईसीसी (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा) गतिविधियां भी ठप पाई गईं।
कारण बताओं नोटिस
कर्तव्य में लापरवाही पर कालापीपल बाल विकास सेवा सेक्टर अरनियाकलां की पर्यवेक्षक मनीषा मेहता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्रस्तुत उत्तर समाधानकारक न पाए जाने पर कलेक्टर ने 'मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966' के नियम 10 (चार) के तहत लघु शास्ति लागू करते हुए उनकी आगामी एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश दिए हैं।
हितग्राही की आईडी डिलीट करने पर दो पंचायत सचिवों पर एक्शन
दूसरे मामले में, जिला पंचायत सीईओ सुश्री मनीषा वास्कले ने हितग्राहियों के साथ हुई गंभीर लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लिया है। ग्राम पंचायत हिरपुरबज्जा (वर्तमान लोंदिया) के सचिव ओमप्रकाश सिंह राजपूत एवं ग्राम पंचायत धतुरिया (वर्तमान गोदना) के सचिव किशोर सिंह कुंभकार द्वारा हितग्राही की समग्र सदस्य आईडी डिलीट कर दी गई थी, जिससे हितग्राही शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित हो गया।
सख्त चेतावनी
सीईओ ने इस घोर लापरवाही पर दोनों पंचायत सचिवों की एक-एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के साथ ही भविष्य के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
Hemant Bhatt