ज्ञान विज्ञान : भौतिक विज्ञानी श्रोडिंगर के कार्यों का फलक बहुत विराट
⚫ डॉ. जोशी ने कहा
⚫ इंडियन एसोसिएशन आफ फिजिक्स टीचर्स (आईएपीटी) और रतलाम एसोसिएशन आफ फिजिक्स टीचर्स (आरएपीटी) द्वारा आयोजन
हरमुद्दा
रतलाम, 2 अक्टूबर। क्वांटम यांत्रिकी में किसी भौतिक प्रणाली की अवस्था और उसके समय के साथ बदलाव को समझाता श्रोडिंगर तरंग समीकरण अपनी स्थापना के सौ साल पूरे कर रहा है। इसे आस्ट्रियाई भौतिकविद् इरविन श्रोडिंगर ने सन् 1926 में प्रस्तुत किया था। यह समीकरण ठीक वैसे ही काम करता है जैसे शास्त्रीय भौतिकी में न्यूटन का गति का नियम काम करता है। इसके अतिरिक्त श्रोडिंगर के कार्य का फलक बहुत बड़ा था।

यह विचार इंडियन एसोसिएशन आफ फिजिक्स टीचर्स (आईएपीटी) और रतलाम एसोसिएशन आफ फिजिक्स टीचर्स (आरएपीटी) द्वारा ' क्वांटम लीजेसी ऑफ एरविन श्रोडिंगर ' विषय पर आयोजित सेमिनार में प्रख्यात भौतिक शास्त्री डॉ एस.के. जोशी ने व्यक्त किए। सांदीपनि विनोबा स्कूल में श्रोडिंगर समीकरण के सौ वर्ष पूर्ण होने पर ' श्रोडिंगर का जीव विज्ञान में महत्त्व ' पर केन्द्रित सेमिनार में वरिष्ठ भौतिक शास्त्री डॉ. जोशी ने कहा कि वर्तमान समय क्वांटम का ही है। इस क्षेत्र में जितने भी कार्य हो रहे हैं , वह बहुत तेज़ी से बदलती दुनिया में अपनी मौजूदगी दिखा रहे हैं।
सिलसिला रहे निरंतर
वरिष्ठ भौतिक शास्त्री डॉ. धर्मराज वाघेला ने इस अवसर पर कहा कि भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में कार्य कर रहे साथियों का इस तरह मिलना और अपने विषय पर बातचीत करना, उम्मीद है जगाता है। यह सिलसिला निरंतर जारी रहना चाहिए। कार्यक्रम में आरएपीटी के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौर ने श्रोडिंगर कैट के रहस्य को वीडियो के माध्यम से सरल हिंदी में प्रस्तुत करते हुए कहा कि फिजिक्स का सिर चकरा देने वाला रहस्य क्या कोई असली प्रयोग था? फिजिक्स में हमेशा श्रोडिंगर की बिल्ली की बात होती है ,क्वांटम सुपर पोजीशन और वेव फंक्शन कोलैप्स होना समझ नही आता और ये बिल्ली रहस्य ही रह जाती है। इस प्रस्तुति की सभी ने सराहना की।
अभिनंदन किया

प्रारंभ में डॉ.एस.के. जोशी, डॉ.धर्मराज वाघेला, अमर वरधानी का स्वागत गजेन्द्र सिंह राठौर,संदीप जैन, जितेंद्र जोशी, श्यामवन्त पुरोहित, अरविंद गुप्ता, वीरेंद्र मिंडा, श्रवण भावसार, सीमा अग्निहोत्री, जे.के. गुप्ता ने किया। स्वागत उद्बोधन एवं कार्यक्रम परिचय डॉ. वाघेला ने दिया। डॉ एस. के . जोशी, डॉ. वाघेला एवं गजेन्द्र सिंह राठौर का आरएपीटी की ओर से सम्मान किया गया। इस अवसर पर श्री राठौर ने कहा कि भौतिकी के क्षेत्र में कार्य करने वाले नए साथियों का निरंतर जुड़ना सुखद है। यह क्रम जारी रहे इसके लिए आवश्यक है कि सभी की सक्रियता बनी रहे और निरंतर इस तरह के आयोजन होते रहें। संचालन राकेश सिंह जादोन ने किया। आभार गजेन्द्र सिंह राठौर ने व्यक्त किया।
इनकी उपस्थिति रही

आयोजन में जितेंद्र जोशी, सुंदरलाल गौड़, वीरेंद्र मिंडा , श्रवण भावसार, संदीप जैन, अशोक कुमार राठौड़, मुकेश गहलोत, दीपक राठौड़, अरविंद गुप्ता, सुधीर गुप्ता, डॉ. ललित मेहता, अर्जुन चौधरी, रितेश त्रिवेदी, ललित गोयल, दिनेश व्यास, अकरम पठान, स्वप्निल शर्मा, शराफत अली, मनीष शर्मा, ज्योति मंडलोई, कृष्णा पाटीदार, सीमा अग्निहोत्री, केतन जोशी, अशोक बिष्ट, आशीष दशोत्तर, सत्यनारायण रूहेल्ला, स्वतंत्र श्रोत्रिय, बिंद्राक्षी पंवार, सतीश, संजय सर सहित भौतिकविद मौजूद थे।
Hemant Bhatt