उपलब्धि सरोकार : अंतरराष्ट्रीय कवयित्री डॉ. सलोनी चावला अफ़्रीकी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल 

​डॉ. सलोनी चावला की यह उपलब्धि आने वाली युवा पीढ़ी और महिला रचनाकारों के लिए एक मिसाल है कि किस प्रकार पेशेवर दायित्वों के साथ-साथ साहित्यिक और सामाजिक सरोकारों को वैश्विक ऊँचाइयों तक ले जाया जा सकता है।

उपलब्धि सरोकार : अंतरराष्ट्रीय कवयित्री डॉ. सलोनी चावला अफ़्रीकी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल 

हरमुद्दा

फरीदाबाद (हरियाणा) 20 सितंबर। साहित्य केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण और वैश्विक संस्कृतियों को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम है। हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय कवयित्री डॉ. सलोनी चावला का अफ़्रीकी अंतरराष्ट्रीय रचनात्मक लेखन एवं साहित्यिक संगठन 'स्ट्राईडा' (Stryda) के निदेशक मंडल (Board of Directors) में नियुक्त होना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह समकालीन साहित्य के अंतरराष्ट्रीय सरोकारों को एक नया आयाम प्रदान करता है।



साहित्यिक सरोकार के मुख्य बिंदु

​वैश्विक सांस्कृतिक सेतु

भारतीय साहित्य और चिंतनधारा को अफ़्रीकी महाद्वीप के साहित्यिक पटल पर स्थान मिलना भाषा और भूगोल की सीमाओं को लांघने का प्रतीक है। डॉ. चावला का यह चयन भारत और अफ़्रीका के मध्य अंतर-सांस्कृतिक संवाद को गहराई प्रदान करेगा।

​बहु-विषयक दृष्टिकोण 

डॉ. सलोनी चावला का मूल पेशा पोषण विज्ञान और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ा है (AIIMS, NCERT और NIOS में कार्य अनुभव)। जब एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाला व्यक्ति साहित्य से जुड़ता है, तो कविता केवल भावुकता तक सीमित न रहकर सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य और यथार्थवादी संवेदनाओं का माध्यम बनती है।

​बाल-प्रतिभा से वैश्विक पहचान

10 वर्ष की अल्पआयु से दार्शनिक एवं परिपक्व लेखन की शुरुआत यह दर्शाती है कि साहित्य सरोकार संस्कारों और संवेदनाओं से उपजता है। उनकी 4 एकल पुस्तकें, 45 से अधिक साझा संकलन और हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर समान अधिकार उनके व्यापक साहित्यिक कैनवास को रेखांकित करते हैं।

प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय सम्मान

समाज की भलाई के लिए समर्पित डॉ. सलोनी की कविताओं को अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं, जैसे साहित्य शिरोमणि सम्मान, डॉ. अंबेडकर स्टेडियम, नई दिल्ली में कबीर कोहिनूर पुरस्कार, अंतरराष्ट्रीय कला एवं साहित्य सम्मान, महिला रत्न सम्मान, विश्व हिंदी गौरव सम्मान, पोएटिक जीनियस अवार्ड, अंग्रेजी साहित्य के लिए शेक्सपियर पुरस्कार आदि। भारत के विश्व मानवाधिकार संरक्षण आयोग ने डॉ. अम्बेडकर स्टेडियम, नई दिल्ली में उन्हें इन्टरनेशनल पीस अम्बैसडर अवार्ड से सम्मानित किया। इनकी हिंदी कविता पुस्तक को हिंदी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया और इनकी अंग्रेज़ी कविता पुस्तक को लंदन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में प्रवेश मिला।

अफ़्रीकी बोर्ड नियुक्ति (Stryda) अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संगठननिदेशक मंडल के 5 प्रमुख सदस्यों में शामिल होकर नीति-निर्धारण का दायित्व।

विशेष उल्लेखनीय

उन्होंने नाइजीरिया के LASU Radio 95.7 FM सहित 5 रेडियो स्टेशनों एवं 7 समाचार चैनलों पर 21 साक्षात्कार दिए हैं तथा 'ग्लोबल लिटरेरी सर्कल' व 'साहित्य सम्राट अकादमी' में जज एवं सलाहकार के रूप में अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं का मार्गदर्शन किया है।

​⚫ सामाजिक प्रासंगिकता एवं संदेश

​आज के समय में जहाँ प्रसिद्धि अक्सर अहंकार का कारण बनती है, डॉ. सलोनी चावला का चरित्र "विद्या ददाति विनयं" के आदर्श को चरितार्थ करता है। न्यूयॉर्क से लेकर अफ़्रीका के समाचार पत्रों में प्रकाशित होने और दुबई जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद उनकी जड़ें अपने ज़मीर और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हुई हैं। डॉ. सलोनी चावला की यह उपलब्धि आने वाली युवा पीढ़ी और महिला रचनाकारों के लिए एक मिसाल है कि किस प्रकार पेशेवर दायित्वों के साथ-साथ साहित्यिक और सामाजिक सरोकारों को वैश्विक ऊँचाइयों तक ले जाया जा सकता है।