साहित्य सृजन : कितनी अजीब बात है 

शायद संसार में सबसे कठिन काम कविता लिखना नहीं बल्कि अपनी निर्दोषता को शब्द देना है।

साहित्य सृजन : कितनी अजीब बात है 

रंजनालता

कितनी अजीब बात है—
कविताओं के लिए
शब्दों का अनंत आकाश है
हर भावना के लिए
कोई न कोई उपमा
कोई न कोई रूपक मौजूद है
किसी के दुख पर
सांत्वना के शब्द भी
सहज ही मिल जाते हैं।

पर जब स्वयं पर लगे
किसी झूठे आरोप के सामने
खड़ी होती हूं मैं
तो शब्दकोश का
हर शब्द छोटा पड़ जाता है
सच तो मेरे साथ खड़ा रहता है
पर उसे सिद्ध करने के लिए
कोई शब्द नहीं मिलता
तब लगता है—

शायद संसार में
सबसे कठिन काम
कविता लिखना नहीं
बल्कि
अपनी निर्दोषता को
शब्द देना है।

रंजनालता समस्तीपुर, बिहार